Monthly Archives: May 2016

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ‌दोस्ती तुम निभा नही सकते । आग दिल की बुझा नहीं सकते ।। बेवफा लोग हैं मेरी किस्मत । दर्दे मंजर दिखा नही सकते ।। ‌ मेरी इज्जत उछाल कर तुम भी । जश्न कोई मना...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    अदावत दिल में रखते हैं मगर यारी दिखाते हैं, न जाने लोग भी क्या क्या अदाकारी दिखाते हैं लगेगी आग तो घर सबके जल जाएँगे मालूम है, घास के ढेर को फिर भी वो चिंगारी दिखाते...

  • रिश्ते

    रिश्ते

    दुनियां में कुछ रिश्तें ऐसे भी होते हैं अनजाने में ही जाने कब कैसे जुड़ जाते हैं बिना शर्त किसी और बिना स्वार्थ के उम्रभर के लिए मन मे कही बस जाते हैं ं कुछ ऐसे...


  • सब उपाधियों से ऊपर

    सब उपाधियों से ऊपर

    गिरधारीलाल को अपने छात्र-जीवन में एक प्रतिभाशाली छात्र माना जाता था. उसकी ईमानदारी, इंसानियत, साहस और दूसरों की सहायता की सभी जगह सराहना की जाती थी. रोज़ मंदिर में जाने वाले उसके पिताजी बनवारीलाल भी अपने...

  • अनबूझ पहेली

    अनबूझ पहेली

    मैं अनबूझ पहेली हूँ खुद की ही सहेली हूँ होते हैं सभी संग मेरे लाखों में भी अकेली हूँ तेरी यादों को बुनती हर लम्हे को चुनती नहीं तूने साथ दिया ये सोच के हू घुनती...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ज़ुबान से तो ना लिया नाम तुम्हारा हमने, खामोशियों से मगर रोज़ पुकारा हमने लबों पे बात मेरे दिल की कभी आ ना सकी, आँखों से किया कई बार इशारा हमने जान जाती है कैसे जिस्म...

  • पांच हाइकु

    पांच हाइकु

    १-आधुनिकता नीलामी संबंधों की खुली दुकान। —— २-बुरा करम खुशहाल जीवन मन का भ्रम । —— ३-सुन्दर तन कनक घट विष मलिन मन । ——- ४-स्वारथ वश मुखौटा याराना का कटु सच्चाई । ——- ५-कविता पढ़ी...


  • लघुकथा — कंजिका

    लघुकथा — कंजिका

    पुनिया परिवार लगभग साल भर पहले ही इस पाश कॉलोनी में रहने आया था। अपने पति देव के प्रमोशन की मन्नत पूरी होने होने की ख़ुशी में मिसेज़ पुनिया ने सारे नवरात्रे व्रत रखने संकल्प लिया...