लघुकथा

लघुकथा — नए नियम

सीमा पार से पड़ौसी देश के सैनिक आतंकियों का लबादा पहन कर धोखे से हमारे कुछ सैनिकों का अपहरण करके ले गये। दस दिन बाद उन्हें अमानवीय यातना दे कर ,उनके सिर विहीन धड़ चुपचाप भारतीय सीमा में फेंक दिये। चंद मिनटों में ही ये ह्रदयविदारक समाचार पूरी दुनिया में आग की तरह फैल गया। […]

लघुकथा

लघुकथा – अमीर बेटी

आज माँ की तेरहीं के भोज का आयोजन था। माँ के परलोक गमन से शोकमग्न चारों बहु बेटे काम में व्यस्त थे। गाँव में माँ के स्नेहिल स्वभाव से सराबोर दूर पास के सभी रिश्तेदार और परिचित आये थे। वे सब महानगर दिल्ली में अमीर परिवार में ब्याही बेटी सुंदरी जो दो चार साल में […]

लघुकथा

लघुकथा — गलती

प्रदेश भर में छोटी-बड़ी, जवान -प्रौढ़ ,यहाँ तक कि इक्का दुक्का बुजुर्ग नारी के साथ जबरदस्ती करने की घटनाओं की बाढ़ सी आ गई। प्रिंट और इलेक्ट्रिक मिडिया हल्ला करने में एक दूसरे से होड़ लेते लग रहे थे।किसी भी दिन के समाचार बिना बलात्कार की खबर के पूरे ही नहीं हो रहे थे। नारी […]

सामाजिक

शहरी वर्षाजल संग्रह योजना

बरसात के दिनों में शहरी क्षेत्रों में स्थान-स्थान पर जलभराव हो जाना एक सामान्य बात है। जल निकासी का उचित प्रबंध न होना, सीवर लाइनों का कूड़ा करकट से पट जाना, नालों की उचित सफाई न होना आदि इसके कई कारण हैं। इसके अलावा एक ओर तो शहरों में सबमर्सिबल पम्पों के द्वारा भूमिगत जल […]

लघुकथा

लघुकथा- सांझे सपने

लघुकथा- साँझे सपने पिछली बार प्याज को रोड़ी में फेकना पड़ा. मगर, इस बार भाव अच्छे थे, “ बाबा ! इस बार तो मुझे नया मोबाइल दिला दोगे ना ?” कालेज में पढने का सपना देखने वाले छोटे लड़के ने पूछा तो उस की माँ बोली, “ पहले छुटकी का ब्याह करना है. उस के […]

अन्य लेख यात्रा वृत्तान्त

मरीन ड्राईव (1090 चैराहा) बना लखनऊ का नया आकर्षण -मनोज ‘‘मौन’’

लखनऊ शहरवासियों के मध्य कभी बेगम हजरत महल पार्क, ग्लोब पार्क, हाथी पार्क, बुद्धा पार्क, नीबू पार्क आकर्षण का केन्द्र हुआ करते थे। धीरे धीरे समय ने करवट ली लखनऊ में जीवन शैली ने गतिशीलता बढ़ने लगी। हजरतगंज की मशहूर शाम-ए-अवध का शबाब पूरे विश्व में घूमने के लिए मशहूर था। बदलते आधुनिकीकरण के दौर […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

तुम ही मेरी इबादत तुम ही मेरी दुनिया। तुम्हारे इर्द गिर्द ही सिमटी मेरी खुशियाँ।।   दम तोड़ती दिल में अनगिनत मेरी ख्वाहिशें। उस पर है क़यामत तुझसे मेरी दूरियां।।   धड़कने भी भूल जाएं दिल का रास्ता। थोड़ा भी हो फासला जब अपने दरमियां।।   शायद नसीब में ही नही तुझसे मुलाकात। कुछ न […]

कविता

काश! मैं एक बच्चा होता

काश! मैं एक बच्चा होता अकल का जरा कच्चा होता मन का बहुत सच्चा होता न जाने कितना अच्छा होता माँ मुझे गोदी में खिलाती अपने कोमल आँचल में सुलाती भूख मुझे जो लग जाती अपने सतनों का दूध पिलाती पिताजी कंधे पे घुमाते हाथ पकड़ चलना सिखाते बन्दर वाले का नाच दिखाते प्यार से […]

कविता

एक कजरी गीत

चित्र अभिव्यक्ति झूला झूले राधा रानी, संग में कृष्ण कन्हाई ना कदम की डाली, कुंके कोयलिया, बदरी छाई ना झूले गोपी ग्वाल झुलावे, गोकुला की अमराई विहंसे यशुमति नन्द दुवारे, प्रीति परस्पर पाई ना॥ गोकुल मथुरा वृन्दावन छैया रास रचाई ना छलिया छोड़ गयो बरसाने, द्वारिका सजाई ना मुरली मनोहर राधा प्यारी चितवत आस लगाई […]

कविता पद्य साहित्य

तिनका-तिनका बनकर हवा में दूर गया।

तिनका-तिनका बनकर हवा में दूर गया। लिए अपनापन था मगर वो दूर गया। अजीब सा सुरूर वो मुझको दे गया साथ निभा नहीं सका क्यों दूर गया। दिल के करीब रहकर जो सुख दिया यह शिला देकर मुझे क्यों भूल गया। नसीब में न था तो पर क्यों आ गया इस घड़ी में छोड़ मुझे […]