अन्य बाल साहित्य

मेरी धरती, मैं संवारूं

प्रिय बच्चो,
मेरी धरती, मैं संवारूं,
आज हम आपके लिए एक नया स्लोगन लेकर आए हैं. आप जानते ही हैं, कि सारी दुनिया में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. अपनी धरती को हमें ही संवारना होगा. आइए हम इसके लिए आपको कुछ ज़रूरी टिप्स बताते हैं-

1.जरूरत नहीं रहने पर आप अपने टीवी, स्टीरियो, कम्प्यूटर, पंखे, लाइटों का इस्तेमाल बंद कर दें.

2.डेस्कटॉप की तुलना में लैपटॉप कहीं ज्यादा इन्वाइरनमैंटल फ्रेंडली होता है.

3.पुराने अखबारों का रीसाइकल किया जाना बेहतर है.

4.अखबार की तरह कांच की पुरानी बोतलों की भी रीसाइकलिंग की जा सकती है.

5.सुबह जब आप ब्रश कर रहे होते हैं तो नल चालू न रखें.

6.रिसते हुए नल को फौरन ठीक करवाएं.

7.टिश्यू पेपर के बदले रुमाल का इस्तेमाल करें तो ज्यादा अच्छा होगा. दुनिया भर के लिए इस्तेमाल की जानेवाली टिश्यू को बनाने में 6,000,000 पेड़ों का इस्तेमाल होता है.

8.आमने-सामने दो लिफ़्टें हों तो, दोनों को चालू न करें, एक को चालू कर थोड़ा इंतज़ार करें. अगर फैन चलाते हैं तो, लिफ़्ट से बाहर निकलने से पहले बंद कर दें.

पत्र बहुत अधिक लंबा न हो जाए, इसलिए अब चलते हैं. हरि-इच्छा रही, तो फिर अगले महीने मिलेंगे, कुछ नई बातों के साथ,
नए स्लोगन को याद रखते हुए पर्यावरण को बचाने हेतु प्रयासों के लिए शुभकामनाओं के साथ,

आपकी नानी-दादी-ममी जैसी
लीला तिवानी

9 thoughts on “मेरी धरती, मैं संवारूं

  1. वाहह लाजवाब विश्व पर्यावरण दिवस पर सुंदर सृजन

    1. प्रिय राजकिशोर भाई जी, अति सुंदर व सार्थक प्रतिक्रिया के लिए आभार.

    2. प्रिय राजकिशोर भाई जी, अति सुंदर व सार्थक प्रतिक्रिया के लिए आभार.

  2. लीला बहन, बाल सन्देश बहुत अच्छा लगा . बाल तो इस सन्देश को समझ ही जायेंगे ,हम बड़े भी समझ जायेंगे .

  3. लीला बहन, बाल सन्देश बहुत अच्छा लगा . बाल तो इस सन्देश को समझ ही जायेंगे ,हम बड़े भी समझ जायेंगे .

    1. प्रिय गुरमैल भाई जी, अति सुंदर व सार्थक प्रतिक्रिया के लिए आभार.

  4. कितने प्यार से समझा दी बच्चों को काम की बात..नमन दी

  5. कितने प्यार से समझा दी बच्चों को काम की बात..नमन दी

    1. प्रिय सखी शिप्रा जी, आपके हृदयतल की सुंदरता आपकी प्रतिक्रिया के शब्दों में भी झलकती है. ‘दी’ शब्द बहुत मनमोहक लगा. अति सुंदर व सार्थक प्रतिक्रिया के लिए आभार.

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