Monthly Archives: June 2016

  • कौन सी बात लिखूँ

    कौन सी बात लिखूँ

    कौन सी शाम की बात लिखूँ हुई थी या नहीं वोह मुलाक़ात लिखूँ ढलते हुए शाम के साये में उभरते हुए जज़्बात लिखूँ अँधेरे खड़े थे लेकर रातों का सहारा लड़खड़ाते कदमों से कैसे लिखूँ बंध...

  • “गज़ल”

    “गज़ल”

      रातों की रानी ने कैसी अलख जगाई है चंचल कलियाँ भी मादक महक पिराई है बागों का माली चंहके चंपा चमेली संग रातरानी ने घूँघट पट को सहज उठाई है।। मंद मंद माँद से निकलते...

  • हरसूद यात्रा

    हरसूद यात्रा

    2004 में इंदिरा सागर बांध की चपेट में आया हमारा शहर हरसूद वर्तमान में वहाँ कोई नहीं रहता। बारिश में वहाँ लगभग 20 फिट तक पानी भरा रहता हैं गर्मी के दिनों में रास्ता खुल जाता...

  • लघुकथा : लक्ष्य

    लघुकथा : लक्ष्य

    ट्रेन अपनी गति से आगे बढ रही थी पर सुमित की धडकन ट्रेन से भी तेज चल रही थी। “क्या बात है बहुत बैचैन हो ” सामने की बर्थ पर एक तेज आभा लिये व्यक्ति ने...

  • लघुकथा : बेइज़्ज़त

    लघुकथा : बेइज़्ज़त

    प्रशान्त के छोटे भाई की शादी में आये मंत्री जी को सभी घेर कर बैठे हुये थे, कोई सेल्फी ले रहा, कोई फोटोज,, कोई बातें कर रहा…… आखिर घर की शान जो बढ़ गई थी मंत्री...


  • लघुकथा : रिश्ता बंधन का

    लघुकथा : रिश्ता बंधन का

    पहले अरेंज मैरिज, फिर प्यारी सी पति के साथ लव स्टोरी की सोच रखने बाली लडकी अपने खून के हर रिश्ते को छोडकर आती है……… वही पति अपने खून के रिश्ते निभाने की खातिर कास्टिंग शूरू...