Monthly Archives: June 2016


  • कविता

    कविता

    तुम तो व्यस्त हो जाते हो दुनियां के मेले मे कभी दफ्तर में तो कभीं कारोबार के झमेले मे पर मैं क्या करूँ कितना धीरज धरूँ ं मेरी दुनिया तो सिमटी है तुम्ही तक जिस राह...