Monthly Archives: July 2016



  • कविता

    कविता

    केसर की क्यारी से आई सोंधी बयार , महक उठा सखी मेरा सूना आगार है! अलसाई ऊषा ने खोल दिये मुंदे नयन, सूरज की किरणों ने किया श्रंगार है! विरहन के होठों पर सजे सखी प्रेम...



  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    सूखे  हुऐ  ताल  से    बातें   पानी   की उनको  भी जिद  है शायद मनमानी  की अमन  चैन  की  बात वतन  में खुशहाली आई  हमको    याद    कहानी  नानी  की पल में  निकली  धूप ...