उपन्यास अंश

अधूरी कहानी:अध्याय-43: ट्रेप

डिटेक्टीव समीर अपने आॅफिस में अकेले बैठा था और कातिल को पकड़ने की योजना बना रहा था तभी वहां सूरज आ पहुँचा समीर ने शायद योजना बना ली थी क्योंकि सूरज के आते ही डिटेक्टीव समीर बोला कि मैंने कातिल को पकड़ने की योजना बना ली है मेरे ख्याल से मेरा प्लान काम जरूर आयेगा।समीर ने सूरज से कहा कि मुझे पूरी टीम पाॅच मिनट में यहां चाहिए तब सूरज बोला यस सर और उसने पूरी टीम को इकट्ठा कर दिया।
डिटेक्टीव समीर ने कहा मेरी भरोसेमंद साथियों मैने कातिल को पकड़ने के लिये एक प्लान बनाया है सब लोग ध्यान से सुनना अगर किसी को प्लान में कोई अपनी राय देना चाहे तो दे सकता है।समीर बोला कातिल का अगला निशाना वीरू तेजा है जो पुलिस की निगरानी में है अगर हम वहां से पुलिस हटा दे तो जाहिर सी बात है कि कातिल फिर उसे मारने की कोशिश करेगा और अगर हम वीरू तेजा के बेडरूम में दो-तीन कैमरे लगा दें तो हम कातिल को पकड़ सकते है और हम टारगेट प्वांइट से लगभग दो सौ मीटर से आॅपरेट करेगें ताकी कातिल को सक न हो और जब कातिल अंदर पहूॅचेगा तब हम उसे घेर के दबोच सकते हैं इसपर एक इंस्पेक्टर बोला सर इसमें तो वीरू तेजा की जान को खतरा है अगर हम जरा भी लेट हुए तो वह जान से जा सकता है तब समीर बोला ऐसा कुछ नहीं होगा हम टाइम पर पहुँच जायेगें और इसके अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं है और वैसे भी वीरू तेजा कौन सा सुरक्षित है हमें ये रिश्क तो लेना ही होगा क्योंकि जब तक मछली को खाना नहीं दोगे तब तक मछली जाल में नहीं फंसेगी फिर समीर बोला और कोई सबाल तब सब लोग चुप रहे तब समीर बोला ओके देटस् फाइनल चलो सब लोग काम पर लग जाओ।
समीर ने कहा एक बात और इस काम के लिये हमें एक अच्छे टेक्नीशियन की जरूरत पड़ेगी जिसे हमें जल्द ही तलाशना होगा । एक इंस्पेक्टर खड़ा हुआ जिसका नाम माधव टंडन था उसने कहा सर मैं एक ऐसे टेक्नीशियन को जानता हूँ जो आपकी उम्मीदों पर खरा उतरेगा तब समीर बोला ठीक है उसे ले आओ और सूरज को अपने साथ ले जाओ और बाकी सब मेरे साथ काम पर लग जाओ।
माधव व सूरज जिस टेक्नीशियन को लेने गये उसका नाम रणवीर गुप्ता है और घर में अकेला रहता है।सूरज व माधव उसके घर पहुँच गये माधव ने डोर वैल बजायी तब रणवीर गुप्ता दरवाजे के पास आकर बोला अवे कोण है सुबह-सुबह पहले से परेशान आदमी के पीछे पड़ा है तब माधव बोला अबे रणवीरे दरवाजा खोल जरा तुझसे काम है रणवीर गुप्ता समझ गया कि पुलिस हैवफिर क्या उसने आव देखी न ताव दौड़कर तुरंत खिड़की से कूदकर भाग गया।
रणवीर को भागता देख ये लोग भी उसके पीछे भागने लगे आखिर कुछ दूर पर इन्होंने रणवीर को पकड़ ही लिया तब रणवीर हड़बड़ाहट में बोला माधव सर मुझे छोड़ दो मैंने तो सब गलत काम छोड़ दिये हैं अब तो मैं लोगों के अकाउंट भी हैग नहीं करता फिर क्यों मेरे पीछे पड़े हो तब माधव बोला अवे रणवीरे हम तुझे पकड़ने नहीं आये है हम तुझे लेने आये हैं हमारे सर को काम है तुझसे।
रणवीर बोला काम और पुलिस के साथ सर मुझे माफ करो मुझे दूर ही रखो पुलिस से मैं नहीं जाऊँगा तब सूरज बोला तू तो अब जरूर चलेगा और उसे उठाकर गाड़ी में डाल दिया ।

परिचय - देव कुशवाह

पता-ज्ञानखेडा, टनकपुर- 262309 जिला-चंपावन, राज्य-उत्तराखंड संपर्क-9084824513 ईमेल आईडी-dndyl.kushwaha@gmail.com

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