Monthly Archives: July 2016

  • व्यंग्य : देवी का अट्टहास

    व्यंग्य : देवी का अट्टहास

       देवी अत्यधिक क्रोध में हैं। अपने महल में चहल-कदमी करते हुए वो कुछ बुदबुदा रही हैं। ध्यान से सुनने पर ज्ञात होता है कि वो ‘तिलक, तराजू और तलवार/इनके मारो जूते चार‘ नामक अपने साम्राज्य के पवित्र मन्त्र...



  • विष

    विष

    ग्लूकोज़ की बोतल से टिप-टिप कर बूंदे टपक रही थीं। कामाक्षी का पूरा ध्यान ख़ाली होती बोतल पर था। बोतल ख़ाली हो गई। मगर अब क्या करना है उसे पता नहीं। वह अपने आस-पास के बेड...


  • राखी लघु कथा

    राखी लघु कथा

    राखी  “भाभी, अगर कल तक मेरी राखी की पोस्ट आप तक नहीं पँहुची तो परसों मैं आपके यहाँ आ रही हूँ  भैया से कह देना ” कह कर रीना ने फोन रख दिया| अगले दिन भाभी...

  • प्रदत चित्र पर एक कजरी गीत……….

    प्रदत चित्र पर एक कजरी गीत……….

    पुतरी खेलन हम जइबें, हो मैया ताल तलैया……. वहि ताल तलैया मैया, सारी सखियाँ सहेलिया बेर के बिरवा सजइबें, हो मैया ताल तलैया……. गोबर से गोठब मैया, तोरी सुनरी महलिया नगवा के दूध चढ़इबें, हो मैया...


  • गीत :  याद तुम्हारी आती है

    गीत : याद तुम्हारी आती है

    सावन के महिने में प्रिय याद तुम्हारी आती है तन पर पङती ये बूंदे फिर मन में अगन लगाती है नही रुकता मन का आवेश हरदम यूं घबराता है तङपन लिये ह्रदय में मेरे तेरा ख्याल...

  • इंसानों में ही भगवान् होते हैं !!

    इंसानों में ही भगवान् होते हैं !!

    फूलों से संसार सजता है संसार विचारों से महकता है विचारों से इंसान संवरते  हैं इसानों से परिवार रौशन होते हैं परिवार से रिश्ते बेहतर होते हैं रिश्तों से प्यार पनपता है प्यार में विश्वास होता...