भजन/भावगीत

मैय्या तेरे भवन निराले

मैय्या तेरे भवन निराले जयकारे-ही-जयकारे
यहां आते हैं दिलवाले जयकारे-ही-जयकारे

1.कौल कंदौली जय-जयकारे
माई देवा जय-जयकारे
बाणगंगा के धारे जयकारे-ही-जयकारे

2.चरणपादुका जय-जयकारे
आदिकुंवारी जय-जयकारे
मिल जाएंगे किनारे जयकारे-ही-जयकारे

3.हाथी मत्था जय-जयकारे
सांझी छत पर जय-जयकारे
चम-चम चमकें तारे जय-जयकारे जयकारे-ही-जयकारे

4.मां का भवन है जय-जयकारे
पिंडी-दर्शन जय-जयकारे
दर्शन प्यारे-प्यारे जयकारे-ही-जयकारे

5.शेरांवाली जय-जयकारे
मेहरांवाली जय-जयकारे
काम बनाएगी सारे जयकारे-ही-जयकारे

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

6 thoughts on “मैय्या तेरे भवन निराले

  1. श्रद्धेय बहनजी । “दर्शन प्यारे प्यारे जयकारे ही जयकारे ” बहुत ही बढ़िया भावपूर्ण भजन के लिए आपको ह्रदय से बधाई ।

    1. प्रिय राजकुमार भाई जी, माताजी खुद ही भजन को भावमय कर देती हैं. सटीक एवं सार्थक प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया.

    2. प्रिय राजकुमार भाई जी, माताजी खुद ही भजन को भावमय कर देती हैं. सटीक एवं सार्थक प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया.

    1. प्रिय गुरमैल भाई जी, एक सटीक एवं सार्थक प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया.

    2. प्रिय गुरमैल भाई जी, एक सटीक एवं सार्थक प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया.

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