मैय्या तेरे भवन निराले

मैय्या तेरे भवन निराले जयकारे-ही-जयकारे
यहां आते हैं दिलवाले जयकारे-ही-जयकारे

1.कौल कंदौली जय-जयकारे
माई देवा जय-जयकारे
बाणगंगा के धारे जयकारे-ही-जयकारे

2.चरणपादुका जय-जयकारे
आदिकुंवारी जय-जयकारे
मिल जाएंगे किनारे जयकारे-ही-जयकारे

3.हाथी मत्था जय-जयकारे
सांझी छत पर जय-जयकारे
चम-चम चमकें तारे जय-जयकारे जयकारे-ही-जयकारे

4.मां का भवन है जय-जयकारे
पिंडी-दर्शन जय-जयकारे
दर्शन प्यारे-प्यारे जयकारे-ही-जयकारे

5.शेरांवाली जय-जयकारे
मेहरांवाली जय-जयकारे
काम बनाएगी सारे जयकारे-ही-जयकारे

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।