भजन/भावगीत

मैया जी

मैया जी सभी पाठकों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं । आज से पवित्र नवरात्रोत्सव का प्रारंभ हो रहा है । उत्तर भारत में इस अवसर पर जगह जगह माता की चौकी या जागरण जा आयोजन किया जाता है । इसमें पूरी रात भक्त लोग व कलाकार माताजी की भक्ति से सजे बेमिसाल भजन व गीत […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

वर्णाश्रम मर्यादा व मनु के अनुसार समाज में ब्राह्मणत्व का धारक कौन?

ओ३म्   पं. भगवद्दत्त जी महान् वैदिक धर्म व संस्कृति सहित ऋषि दयानन्द के महान् भक्त व अनुयायी थे। उन्होंने मनु व मनुस्मृति विषयक अपने अनुसंधान वा शोध विचारों को एक लघु पुस्तक ‘‘मनुष्यमात्र का परममित्र स्वायंभुव मनु” नाम से प्रकाशित कराया है। इसी पुस्तक से वर्णाश्रम मर्यादा व मनु के अनुसार ब्राह्मण कौन व […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

ऋषि दयानन्द ने अपने माता-पिता, परिवार व गृह का त्याग क्यों किया?

ओ३म्   ऋषि दयानन्द महाभारत काल के बाद और अपने समय के वेदों के सर्वोच्च विद्वान, महर्षि, ऋषि, मुनि, आप्त पुरुष व महात्मा थे। इसका प्रमाण उनके लिखे सत्यार्थप्रकाश, ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका आदि ग्रन्थ और ऋग्वेद-यजुर्वेद का संस्कृत-हिन्दी में रचा भाष्य है। विश्व के अपने प्रकार के एकमात्र आर्यसमाज नामी संगठन की स्थापना भी ऋषि दयानन्द ने […]

गीतिका/ग़ज़ल

“गजल/गीतिका”

वज्न- 2122, 2122 2122, 212 आदमी चलता कहाँ उठता कदम बिन बात के हो रहा गुमराह देखो, हर घड़ी बिन साथ के काँपती हैं उँगलियाँ उठ दर्द सहलाती रहीं फासला चलता रहा खुद को पकड़ बिन हाथ के॥ नाव नदियां साथ चलती साथ ही पतवार भी देखता है धार नाविक ठाँव कब बिन नाथ के॥ […]

गीत/नवगीत

गीत- गांधी तेरे देश में

  गांधी जी तेरे देश में हो रहा अजब कमाल जनता भूखें  मर रही नेता मालामाल गांधी जी तेरे देश में हो रहा अजब कमाल   कुछ तुम खाओ कुछ हम खायें गीत ईमान का गाये मरे जनता चाहे भाड में जाये हम इतिहास बनाये लुट खसोट का जग में हो रहा अजब कमाल गांधी […]

गीतिका/ग़ज़ल

वीर जवानों ने कमाल कर दिया

वीर जवानों ने कमाल कर दिया। एलओसी पार धमाल कर दिया। आंतकियों के ना-पाक खून से, पाकिस्तान को लाल कर दिया। चुप्पी को कमजोरी समझ बैठा, हल उसका ये सवाल कर दिया। अठारह जवान शहीद हुए हमारे, आंतकवाद से बुरा हाल कर दिया। जवानों ने उसके घर में ही घुसकर, कल चालीसों को हलाल कर […]

गीत/नवगीत

गीत : धन्य धन्य भारत की सेना

(Pok में भारतीय सेना की ऐतिहासिक कार्यवाही पर सेना और सरकार को बधाई देती मेरी नई कविता) धन्य धन्य भारत की सेना,धन्य आज सरकार हुयी, बलिदानी आँगन की तुलसी की इच्छा साकार हुयी, हाँ,शहीद की बेवाओं के ज़ख्म बड़े ही गहरे थे, लगता था माँ की चीखों पर दिल्ली वाले बहरे थे, लेकिन भारत माँ […]

कविता

“चौपाई”

चौपाई छंद पर प्रथम प्रयास…… बाबा शिव शंभू सैलानी, कीरति महिमा अवघड़ दानी बाजत डमरू डम कैलाशा, राग-विराग अटल बर्फानी॥-1 स्वर चौदह चौरासी योनी, लिखा ललाट मिटे कत होनी सत्य सती धरि रूप बहूता, को सके रोक यज्ञ अनहोनी॥-2 चौदह वर्ष बिपिन वनवासा, लक्ष्मण राम सिया विश्वासा रावण कुंभकरण दुर्वाषा, अहम कोप निद्रा रुध साँसा॥-3 […]

कविता

घायल मन!

मन हार गया धन जीत गया ! धन हार गया जग जीत गया !! जो मन ने कहा मैं कर न सका, धन दौलत से घर भर न सका ! जीवन के अंतिम छण आये , अब पाृण हमारे घव राये !! क्या फिर से पुनर्जन्म होगा , क्या फिर से घायल मन होगा !! […]

कविता

उस पार

  (उस पार) चलो उस पार……. जहाँ न हो मजहबो की दिवार बसाए एक ऐसी दुनियाँ जहाँ हो प्यार ही प्यार चलो उस पार…….. ये शहर, जहाँ करते है लोग प्रेमियों से नफरत नहीं समझते, प्यार और जज्बातों का मोल जिद की चाह में देते है, प्रेमी दिल को तोड़ चलो उस पार……… बंदिशे बहुत […]