Monthly Archives: September 2016


  • कुंडलिया छंद…..

    कुंडलिया छंद…..

    चित्र अभिव्यक्ति आयोजन चाहे काँटें पथर पग, तिक्ष्ण धार हथियार पुष्प प्रेम सर्वत्र खिले, का करि सक तलवार का करि सक तलवार, काटि नहि पाए चाहत जुल्म-शितम हरषाय, अंकुरण करि करि आहत कह गौतम चितलाय, प्रकृति...

  • धुंध और धूप का रिश्ता

    धुंध और धूप का रिश्ता

    धुंध और धूप का रिश्ता विचित्र है दोनों शब्द ‘ध’ वर्ण से सृजित हैं यद्यपि दोनों का कोई मेल नहीं है फिर भी वे मानो मित्र हैं.   धुंध को अपना जलवा बिखेरने देने के लिए...


  • कहानी जोश की

    कहानी जोश की

    मन बुढा हो तो तन बुढा ‘ सीख़ हमें दे जाती है सौ साल की दादी जब ‘ स्वर्ण पदक ले जाती है । सौ मीटर हैं दौड़ी ‘मन जी’ सिर्फ इक्क्यासी पल में ही अपनी...

  • केजरीवाल के नगीने

    केजरीवाल के नगीने

    महाभारत के अन्त में जब अर्जुन को यह ज्ञात हुआ कि कर्ण उनका सहोदर भ्राता था, तो उन्होंने श्रीकृष्ण से प्रश्न पूछा कि यह जानते हुए भी कि पाण्डव उसके सगे भाई हैं, कर्ण ने द्रौपदी...

  • चाय पर चर्चा -3

    चाय पर चर्चा -3

    अजय भी पीछे हटने के मूड में बिलकुल नहीं था । वह इन देहातियों के मन से मोदी सरकार के प्रति पैदा हुयी गलतफहमी को किसी भी तरह से दूर करना चाहता था । बोला ”...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कितना दुखा है दिल वो नादान क्या जाने क्या छीन लिया मेरा वो बेईमान क्या जाने। हम टुकड़े दर्द ए दिल के चुनते ही रह गए क्या ले गया उड़ाकर वो तूफ़ान क्या जाने। सिमटी सी...