Monthly Archives: October 2016

  • नई चेतना   भाग –२५

    नई चेतना भाग –२५

    अमर बड़ी देर तक सिसकता रहा । काफी विचार करने पर भी किसी निर्णय पर नहीं पहुँच पा रहा था । बाबु भी ऊपर से तो सख्त दिखने का प्रयास कर रहा था । लेकिन अन्दर...



  • यह दीवाली, देश के नाम

    यह दीवाली, देश के नाम

    वैसे तो प्रधान मंत्री श्री मोदी ने अपनी हर दीवाली सेना के जवानों के साथ मनाने की परंपरा स्थापित की है. इस साल उनका विशेष आग्रह था कि इस बार सभी भारतीय एक दिया देश के...

  • नई चेतना     भाग –२४

    नई चेतना भाग –२४

    बाबु सीढ़ियों से होकर पहली मंजील पर स्थित सामान्य कक्ष में पहुंचा । यह सामान्य कक्ष अपेक्षाकृत बड़ा था । लगभग 80 बिस्तरों वाला यह कक्ष मरीजों से भरा हुआ था । अमर ने धनिया का...

  • माटी का दीया

    माटी का दीया

      छोटे-छोटे दीप जले कितने उत्साह से. टिम-टिम तारे जैसे उतरे हैं आकाश से. गली-मोहल्ले-चौबारे घर-ड्योढी-द्वारे. दूर तलक दीपावली अपने पैर पसारे. घर-घर दीप जलाएँ, मिलजुल कर उल्लास से। लौ जीवन का साक्ष्‍य तेल मर्यादा जीवन...


  • दीपावली

    दीपावली

    “अप्प दीपो भवः” तथागत का ये संदेश सदियों बाद भी उतना ही सामायिक है जितना उनके समय में था। प्रत्येक वर्ष प्रकाशोत्सव दीपावली के आते ही ये संदेश स्वयमेव ही स्मरण हो उठता है। दीपावली जैसा...

  • आओ दीपावली मनाएँ

    आओ दीपावली मनाएँ

    आओ दीपावली मनाएँ इस नीरव बीहड़ से वन को करें आलोकित अंतर्मन को सत्य, ज्ञान के दीप जलाएँ आओ दीपावली मनाएँ जगत के घने अंधकार में जीवन के शत-शत विचार में निस्वार्थ प्रेम चहुँ ओर फैलाएँ...

  • गीत : इक दीप जले उनकी खातिर

    गीत : इक दीप जले उनकी खातिर

    (भारत के अमर जवानों को, उनके परिवारों को समर्पित है इस दीवाली का हर दीप और मेरी कविता का हर शब्द) दहलीज अभी दहली होगी, आँगन स्तब्ध खड़ा होगा घर के कोने कलुषित होंगे, चूल्हे पे...