कविता

क्या आयेगा गाँधी दोबारा !!

पूछती हैं गलियां

पूछते हैं गाँव- चौबारा

क्या आयेगा गाँधी दोबारा !!

पूछती हैं नदियाँ

पूछता है लोकतंत्र हमारा

क्या आयेगा गाँधी दोबारा !!

पुकारती है निर्भया

पुकारता है कालाहांडी का सवेरा

क्या आयेगा गाँधी दोबारा !!

क्या आयेगा गाँधी दोबारा !!

भ्रष्ट होते इस तंत्र में

राह टके हर एक दुखियारा

क्या आयेगा गाँधी दोबारा !!

बूढ़ी आँखों का जो था सहारा

हर जुबां पे एक ही नारा

क्या आयेगा गाँधी दोबारा !!

क्या आयेगा गाँधी दोबारा !!

नोट- कितना प्रासंगिक है आज का गांधी, इस विचार के साथ महात्मा गाँधी की 147वी जयंती के अवसर पर शत शत नमन |

With Love

KM Bhai

के.एम. भाई

सामाजिक कार्यकर्त्ता सामाजिक मुद्दों पर व्यंग्यात्मक लेखन कई शीर्ष पत्रिकाओं में रचनाये प्रकाशित ( शुक्रवार, लमही, स्वतंत्र समाचार, दस्तक, न्यायिक आदि }| कानपुर, उत्तर प्रदेश सं. - 8756011826