कविता

नववर्ष पर:-

साल 2017 के आने की आहट स्ूार्यास्त के बाद हो गयी ये साल जाते – जाते अनेक निर्णय और नये विश्वासों के प्रश्न दे गया भारत भारत बन उभरे विश्व बने अनुगामी पूर्ण विराम लगे हिंसा प्रतिहिंसा अनैतिकता अनाचार अकर्मण्यता पर कालाधन के स्रोत सूखें भ्रष्टाचारी सीखें शिष्टाचार जमाखोर सुधरें जन मन और हर कण […]

गीत/नवगीत

गीत

जिंदगी हर जगह बेहाल लिखूँ । या गरीबों को खस्ताहाल लिखूँ । नहीं ये बिल्कुल बेइमानी होगी, भला क्यों कर मैं नया साल लिखूँ ? * हर जगह धुंध है कुहासा है , झुग्गियों में भरी निराशा है , कहीं भूखा ही सो गया बच्चा, काटते कुत्ते कहीं माल लिखूँ । भला क्यों कर मैं […]

गीतिका/ग़ज़ल

भारत माता 

रणबाँकों के बलिदानों की, धरती है भारत माता. आजादी के दीवानों की धरती है भारत माता. गंगा-यमुना की संस्‍कृति से भारत माता है पोषित, ऋषि मुनियों की संतानों की धरती है भारत माता. उत्‍ताल तरंगों से देता है जोश समंदर तीन तरफ, हिमगिरि के सुदृढ सानों की धरती है भारत माता. वेद पुराणों उपनिषदों और’ […]

राजनीति

नोटबंदी की असली परीक्षा व परिणाम 2017 में

विगत 8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी ने अचानक से देश को संबोधित करते हुए 500 व हजार के नोट बंद कर देने और कालेधन, आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐतिहासिक जंग का ऐलान किया था। पीएम मोदी ने इस महाअभियान में जनता से 50 दिन का सहयोग मांगा था, जो अब पूरा हो गया […]

गीत/नवगीत

असर होता है क्‍या

चलो देखें नई-नई सुबूह को गज़़र कहता है क्‍या? स्‍वर्णिम घटा फैलाएगी पहली किरण सूरज की जब अँगड़ाइयाँ लेंगे विहग स्‍वच्‍छंद होके उड़ेंगे तब आलोक से भागेगा तम गगन को असर होता है क्‍या? दुपहर की धूप गुनगुनी सी सुबूह है सर्द मखमली फिसलती शाम रेशमी सी तपन है घरों में मलमली हवा व धूप […]

लघुकथा

सकारात्मक सोच

भजनलाल कुछ दिनों के लिए अपने बड़े बेटे राहुल के यहाँ अमेरिका जानेवाले थे । उनके पास एक कार थी जो उन्हें बहुत ही प्रिय थी और इसलिए उसे बेचना नहीं चाहते थे । सोसायटी के प्रांगण में उन्हें अपनी कार सुरक्षित नहीं लग रही थी । ऐसे में उन्हें अपना मित्र रामलाल याद आ […]

पद्य साहित्य मुक्तक/दोहा

दोहे- नव-वर्ष

नया वर्ष आ रहा है नव उमंग के साथ। खुशी मनाने के लिए बने रहे एक साथ॥१॥ •••••••• नव वर्ष में नव उमंग मनायें सभी लोग करें कार्य कुछ ऐसा, बन जाये संयोग॥२॥ •••••••• जोति जलाएँ साम को, संकल्प लें अचूक। नया कोई प्रण करें , होवे ना कुछ भूल॥३॥ ••••••• खुशियों से भरे जीवन, […]

उपन्यास अंश

आजादी भाग –१७

बड़ी देर तक राहुल के कानों में मोहन के कहे शब्द गुंजते रहे ‘ ………..ये क्या करना चाह रहे हैं कुछ पता नहीं चल रहा । ‘ राहुल के छोटे से दिमाग में मोहन के कहे शब्द बड़ी देर तक सरगोशी करते रहे । अचानक उसके दिमाग में एक विचार बिजली  सी तेजी से कौंध […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

स्वामी श्रद्धानन्द बलिदान दिवस प्रो. डा. नवदीप कुमार के विद्वतापूर्ण व्याख्यान के साथ श्रद्धापूर्वक वातावरण में सम्पन्न

ओ३म् आर्यसमाज धामावाला उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून की प्रमुख आर्यसमाज है जिसकी स्थापना महर्षि दयानन्द जी के करकमलों द्वारा हुई थी। स्वामी समर्पणानन्द सरस्वती जी के नाना श्री कृपाराम जी इस समाज के प्रथम प्रधान रहे। अथर्ववेद, सामवेद भाष्यकार एवं अनेक प्रमुख वैदिक ग्रन्थों के रचयिता पं. विश्वनाथ विद्यालंकार जी इसी समाज से जीवन पर्यन्त […]

इतिहास

देश की आन बान व शान के रक्षक शहीद उधम सिंह जी

ओ३म् आज शहीद ऊधम सिंह (जन्म 26-12-1899, मृत्यु 31-7-1940, जीवन 40 वर्ष 7 महीने 5 दिन) की 117 वीं जयन्ती है। ऊधम सिंह जी हमें पंजाब की धरती सुनामख् संगरूर से मिले थे जहां से हमें विगत एक शताब्दी में लाला लाजपत राय, स्वामी श्रद्धानन्द, सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जी आदि शहीद मिले […]