लघुकथा

लघुकथा : आँचल

मंजरी हिन्दी की पुस्तक में ‘मां का आँचल‘ कहानी पढ़ रही थी। जिज्ञासा हेतु मम्मी से पूछा, ‘‘मम्मी, आपका आँचल कहां है?‘‘

जीन्स टाॅप पहने आधुनिक माॅम अनुत्तरित रह गई, ‘‘साॅरी, गुड़िया, मैं कहां मां रही, मैं तो मम्मी बन गई हूँ।‘‘ पर एक संकल्प भी लिया साड़ी या सलवार सूट चुन्नी के साथ पहनने का, ताकि बेटी को आँचल दिखा सके।

*दिलीप भाटिया

जन्म 26 दिसम्बर 1947 इंजीनियरिंग में डिप्लोमा और डिग्री, 38 वर्ष परमाणु ऊर्जा विभाग में सेवा, अवकाश प्राप्त वैज्ञानिक अधिकारी