Monthly Archives: December 2016


  • क्या जात-पात मिटाई जा सकती है?

    ओ३म् आर्यसमाज की पहली पीढ़ी के विद्वानों में एक विद्वान प्रो. सन्तराम जी बी.ए. भी हुए हैं। आप स्वामी श्रद्धानन्द जी के समकालीन थे। आपने अनेक ग्रन्थों का प्रणयन किया। पं. गुरुदत्त ग्रन्थावली के हिन्दी अनुवादक...



  • कविता : रिश्ता

    कविता : रिश्ता

    मत जा छोड़ के प्यार भरे ..रिश्ते को तोड़ प्रेम इस मोड़ पर आकर ..क्यूँ हुआ खड़ा हाथ से रेत की तरह छूठ रहा ..हमारा नाता आइस क्रीम की तरह पिगलता ..रहा रिश्ता हर बार समज़ाया...

  • कविता : शक

    कविता : शक

    हक़ दिया तुमने पूरा मुझे , तभी शक होता यार मुँह ना मोड़ मुझसे तू यू , देख तू मेरा वो प्यार किसी छोटी बातों से न , हो यूँ हमेशा ही उदास दुरियाँ हो तो...

  • शुभ हो नया साल…

    शुभ हो नया साल…

    सौंपकर अपनी सारी जिम्मेदारियां दो हजार सत्रह को अलविदा कह रहा हैं साल दो हजार सोलह देकर चंद जरूरी हिदायतें शुभकामनायें भी अनगिनत कि हो मंगलमय आने वाला नया समय न आये कोई भी कठिनाई जो...

  • कदम-कदम आगेे… ।

    कदम-कदम आगेे… ।

    वर्तमान कहता मुझे सुखमय जीवन का राह दिखाते हुए भूल जाओ अतीत की यादें। आइने में अपने सुंदर छवि को देखते मधुमय उपवन में आराम लेते चमक-धमकों के जग में तुम मशगूल होते अपने को धन्यभागी...

  • *सूरज दादा कहाँ गए तुम*

    *सूरज दादा कहाँ गए तुम*

    सूरज  दादा  कहाँ   गए  तुम, काह ईद  का  चाँद  भए तुम।   घना   अँधेरा,  काला – काला, दिन निकला पर नहीं उजाला।   कोहरे   ने   कोहराम  मचाया, पारा  गिर  कर  नीचे  आया।   काले  बादल   जिया  ...

  • हाइकू

    हाइकू

    ​डूबता सूर्य स्वागत करे चाँद आ जा तू वर्ष ————– ​पकी फसलें रच दे इतिहास यादों के दिन. ​—————– ​वर्ष ही लाया खुशियों का तराना राग पुराना. ​————— ​ठण्ड की भेंट नए वर्ष का कोट पहने...