Monthly Archives: February 2017


  • अगस्त क्रांति के बलिदानी

    अगस्त क्रांति के बलिदानी

    अगस्त क्रांति के बलिदानी को, शत-शत कोटि प्रणाम स्वतंत्रता के अभिमानी को, शत-शत कोटि प्रणाम हमारा शत-शत कोटि प्रणाम-   1.स्वतंत्रता के सपनों को था, वीरों ने साकार किया अंग्रेजों भारत छोड़ो का, गगन में था...

  • नारे ही नारे (योग)

    नारे ही नारे (योग)

    1. योग को भलीभांति अपनाओ, तन-मन-प्राण को स्वस्थ बनाओ.     2.ध्यान से साधो श्वास-प्रश्वास, योग जगाए दृढ़ विश्वास.     3.ध्यान-धारणा-धैर्य जगाओ, योग से सहनशीलता पाओ.     4.आसन लगाओ, करो व्यायाम, सबसे उत्तम प्राणायाम....


  • कहानी –  अंततः

    कहानी – अंततः

    मृणाल जल्दी- जल्दी काम निबटा रही थी। बेटी के खराब स्वास्थ्य को देखकर उसका मन बहुत अशांत था। अवनि की छुट्टियाँ समाप्त हो रही थीं चार दिन बाद उसे वापस पुणे लौटना था। वहाँ चली जाएगी...

  • शराफ़त

    शराफ़त

                शराफत से ही कोई शरीफ बनता है। शराफ़त अकसर चादर या फिर चोंगे की शक्ल में होता है। जब तब आदमी इसे ओढ़ या पहनकर शरीफ बन जाता है। मतलब...

  • “दोहे”

    “दोहे”

    कैसे तुझे जतन करूँ, पुष्प पराग नहाय अपने पथ नवयौवना, महक बसंत बुलाय॥-1 रंग,रंग पर चढ़ गया, दिखे न दूजा रंग अंग अंग रंगीनियाँ, फरकत अंग प्रत्यंग॥-2 ऋतु बहार ले आ गई, पड़त न सीधे पाँव...

  • एक ज़माना बीत गया…

    एक ज़माना बीत गया…

    दिल में दिल का दर्द दबाये एक ज़माना बीत गया मेरे होठों को मुस्काये एक ज़माना बीत गया आवाजें देती है मुझको यूँ तो ये सारी दुनिया अपनों को आवाज लगाये एक ज़माना बीत गया दुनिया...