अगस्त क्रांति के बलिदानी

अगस्त क्रांति के बलिदानी को, शत-शत कोटि प्रणाम
स्वतंत्रता के अभिमानी को, शत-शत कोटि प्रणाम
हमारा शत-शत कोटि प्रणाम-

 
1.स्वतंत्रता के सपनों को था, वीरों ने साकार किया
अंग्रेजों भारत छोड़ो का, गगन में था गुंजार किया
देश प्रेम के अभिमानी को, शत-शत कोटि प्रणाम
हमारा शत-शत कोटि प्रणाम-

 

2.’करो या मरो’ कहकर टूटे, दुश्मन पर दल-बल लेकर
खड्ग न तीर न बंदूकें थीं, सत्य-अहिंसा संग लेकर
आजादी के अभिमानी को, शत-शत कोटि प्रणाम
हमारा शत-शत कोटि प्रणाम-

 
3.ऋषियों-मुनियों-तपस्वियों के, देश में हमने जन्म लिया
भगत-हकीकत-गांधी जैसा, जीवन में शुभ कर्म किया
धर्म-कर्म के अभिमानी को, शत-शत कोटि प्रणाम
हमारा शत-शत कोटि प्रणाम-

 
4.अगस्त क्रांति की वर्षगांठ पर, देश का वंदन करते हैं
आओ लें संकल्प कि हम सब, पूर्ण समर्पण करते हैं
कुर्बानी के अभिमानी को, शत-शत कोटि प्रणाम
हमारा शत-शत कोटि प्रणाम-

 
5.वंदे मातरम वंदे-वंदे, कहकर कदम बढ़ाएंगे
झंडा ऊंचा रहे हमारा, सारे मिलकर गाएंगे
पूर्ण स्वराज के अभिमानी को, शत-शत कोटि प्रणाम
हमारा शत-शत कोटि प्रणाम-

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।