Monthly Archives: February 2017

  • उसकी कहानी (अंतिम) भाग –    ६

    उसकी कहानी (अंतिम) भाग – ६

    अबकी बार वो आया मेरी बहन बनकर । मैंने उससे प्रार्थना  की थी मुझे गुरु दक्षिणा देनी है रास्ता मुझे नहीं पता था ।अब उसने अपनी लीला मुझे दिखानी शुरू की । मुझे संदेह की गुंजाइश...

  • शर्मीली धूप

    शर्मीली धूप

    मेरे आंगन नाच रही है, कुंदन सी चमकीली धूप मन में बैरन आग लगाए, कैसी यह बर्फीली धूप जमुना तट पर रोज नहाने, आती है सखियों के संग गोरी गोरी अलबेली सी, पागल सी  यह शर्मीली धूप चैन कहां...

  • एक ज्योतिषी

    एक ज्योतिषी

    पंडित भरोसे लाल अपने आपको बड़ा ही सटीक भविष्यवक्ता बताते थे । उनका दावा था कि उनकी बताई भविष्यवाणियाँ शत प्रतिशत सही होती हैं । उनके शागिर्दों चेलों और दलालों के प्रचार की बदौलत उनके यहाँ...

  • कृष्ण बना दे

    कृष्ण बना दे

    मां मुझको तू कृष्ण बना दे, देश प्रेम की लगन लगा दे, छोटा-सा पीताम्बर पहना, छोटी-सी वंशी दिलवादे. मोरपंख का मुकुट सजीला, मेरे शीश पे आज सजा दे, माखन-मिश्री खूब खिलाकर, मुझको शक्तिवान बना दे.

  • अखंड आनंद पाएं

    अखंड आनंद पाएं

    परमानंद को पाएं योग से परमानंद को पाएं नर-देही का परम लक्ष्य है अखंड आनंद पाएं-   1.जीवन जीने की रीति को, ज्ञानी योग बताते हैं शुद्ध हों मन-चित्त-बुद्धि जिससे, ऐसा मार्ग बताते हैं तन और...

  • ईंधन का खर्च आधा

    ईंधन का खर्च आधा

    खपाएं ईंधन क्यों ज़्यादा करें हम खर्च न क्यों आधा!   1.दाल-चावल को भिगो लेंगे सब्ज़ी के टुकड़े हों छोटे पानी हम डालें क्यों ज़्यादा करें हम खर्च न क्यों आधा!   2.करें हम पूरी तैयारी...

  • ज्योतिर्मय हो देश

    ज्योतिर्मय हो देश

    ज्योतिर्मय हो देश हमारा ज्योतिर्मय हो देश भारतवासी हम सब पहले कोई भाषा वेश-   1.हिंदु-मुस्लिम, सिक्ख-ईसाई सब हैं भाई-भाई एक मूल से सब उपजे हैं भेद न कोई खाई प्रभु का नाम न कोई भेष...

  • “गीतिका”

    “गीतिका”

    तुम जाते हो छोड़ के अपना बचपन किस उपहार में सौदा कर के गलबहियों की सुबहा हुई तकरार में ले जाओ इस दौलत को अपने खाते में लिख लेना आऊँगा जब द्वार तुम्हारे भर लूँगा अकवार...


  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

    खिले हैं फूल पलाश के रंग अपना लगाके दरख्तों पर छाया बसंता लालिमा खिलाके खुश्बू बेपरवाह है कण कण पराग छुपाए बरबस खींच लेती रौनकें मधुरिमा बिछाके।।-1 फोड़ के निकलती है ऊसर को ये हरियाली नजर...