Monthly Archives: February 2017

  • पहाड़

    पहाड़

    पेड़ों की पत्तियां झड़ रही मद्धम हवा के झोकों से चिड़िया विस्मित चहक रही वसंत तो आया नहीं आमों पर मोर फूल की मद्धम खुशबू टेसू से हो रहे पहाड़ के गाल सुर्ख पहाड़ अपनी वेदना...

  • लघुकथा-  चेहरा

    लघुकथा- चेहरा

    नगर सेठ सहाय साहब के आवास पर आयोजित होली-मिलन समारोह में शामिल होने के लिए विधायक शुभ्रा देवी खादी-रेशम की दूध सी उजली साड़ी में सज कर घर से निकलीं और अपनी बड़ी सी शानदार सफेद...


  • लघुकथा : आवाज़

    लघुकथा : आवाज़

    ” आइये सुधीर भाई आइये, आज राह भूल कर कैसे चले आये?” ” मैं तो राह नहीं भूला प्रोफेसर साहब पर आप ही भूल गये कि कुछ दिन पहले हम एक बिनती ले कर आपके पास...



  • क्लास में सफाई

    क्लास में सफाई

    स्कूल में आते ही बच्चों का ध्यान मुख्य पटल पर पड़ा जिसपर लिखा हुआ था इस माह से स्कूल प्रबन्धक कमिटी ने तय किया है कि स्वछता अभियान के तहत जो क्लास सबसे ज्यादा साफ़ मिलेगी...

  • जब देखी

    जब देखी

    जब देखी मैंने रोती बिलखती माँ को लुढ़कते आँसू आँखों को I खून बौखला उठा मेरा ऑंखें क्रोधित उमड़ती ज्वाला काश ! धम्म उठा पटल दूँ उनको जो हर रहे चैन,अमन दे रहे पीड़ा माँ को...

  • पिंजरा

    पिंजरा

    फूल तो डाली पर ही अच्छा लगता है न कि ड्राइंग रूम के गुलदस्ते में । वास्तव में यदि कोई फूल अच्छा लगता है तो उसे डाल से न तोड़ो। चिड़ियों की चहचहाहट, तोते की सुदरता,...