स्कूल की श्रेणियां

सबको शिक्षा मिले। देश का हर नागरिक शिक्षित हो। हर नागरिक को समान अधिकार मिले। सरकार के दावों को हकीकत झुठला देती है। अमीर और गरीब की दूरी हर स्तर पर नजर आती है। समान शिक्षा के सिर्फ कोरे दावे हैं। आज स्कूल भी पांच श्रेणियों में बट चुके हैं। पहली श्रेणी में पंचतारा स्कूल आते है जहां केवल उच्च स्तर के अमीर परिवारों के बच्चे पढ़ते है जो ऑडी, बीएमडब्लू और मर्सिडीज जैसी ब्रांडेड कार में स्कूल आते हैं और गर्मियों की छुट्टियों में विदेश यात्रा पर जाते है। दूसरी श्रेणी में मध्यम वर्ग के बच्चे निजी स्कूल में पढ़ते है जो स्कूल बस में स्कूल पढ़ने जाते हैं। तीसरी श्रेणी सरकारी बाबुओं की है जिनके बच्चे केंद्रीय विद्यालय में पढ़ते है जहां शिक्षा का स्तर बहुत अच्छा है। चौथी श्रेणी सेना अधिकारियों की है जिनके बच्चे आर्मी स्कूल में पढ़ते हैं और आता है पांचवा वर्ग। इस श्रेणी ने गरीब आते हैं जो सरकारी स्कूल में पढता है। गरीब मां-बाप अपने बच्चों को स्कूल में दाखिल करवा कर अपनी इतिश्री समझते है। उनको बच्चों की पढाई से कोई लेना देना नही। बच्चों को खाना, यूनिफार्म और पुस्तकें सभी मुफ्त में मिलता है। न तो वे खुद पढ़े हैं और न उन्हें बच्चो को पढ़ाने का शौंक होता है। कुछ चुने हुए गिनती के बच्चों पर सरस्वती मेहरबान होती है वे अपने बलबूते पर पढ़ जाते है बाकी जब बारह चौदह वर्ष के होते है, धीरे-धीरे स्कूल से निकलते जाते हैं। अभिभावकों की नजर में अब वे कमाने लायक हो गए हैं। कुछ बच्चों की पढ़ाई में अरुचि और कुछ अभिभाककों की इच्छा कि बच्चे काम में लग जाएं। यहां हम देखते है कि हमारे बच्चे स्कूल जा रहे हैं और कुछ काम पर जा रहे हैं।

 

परिचय - मनमोहन भाटिया

नाम: मनमोहन भाटिया जन्म तिथि: 29 मार्च 1958 जन्म स्थान: दिल्ली शिक्षा: बी. कॉम., ऑनर्स, हिन्दू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय; एल. एल. बी., कैम्पस लॉ सेन्टर, दिल्ली विश्वविद्यालय संप्रति: सृष्टी होटल प्राइवेट लिमिटेड में एजीएम-फाईनेंस एंड अकाउंटस कहानियाँ लिखना शौक है। फुर्सत के पलों में शब्दों को जोडता और मिलाता हूं। कहानियाँ: 1. सरिता, गृहशोभा, प्रतिलिपि, जयविजय, सेतु, ई कल्पना, अनुभव, तुलसी अतुल्य प्रतिका, अभिव्यक्ति, स्वर्ग विभा, अनहद कृति, अरगला, हिन्दी नेस्ट और नवभारत टाईम्स में प्रकाशित 2. महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की वेबसाईट hindisamay.com में कहानी संकलन। लिंक: http://www.hindisamay.com/writer/writer_details.aspx?id=1316