Monthly Archives: March 2017

  • मैय्या-भजन

    मैय्या-भजन

    मैय्या के द्वारे की मैं बनूंगी जोगनिया अलख जगाऊंगी मैं सारी-सारी रतियां बनूंगी जोगनिया- मैय्या के द्वारे की मैं बनूंगी जोगनिया   1.लाल चुनरिया लाऊंगी मैं मैय्या को ओढ़ाऊंगी हीरों वाला चूड़ा लाल मैं मैय्या को...

  • मकड़ी के जाले

    मकड़ी के जाले

    मकड़ी के जाले ************ न अभिमान कर… वर्तमान का, और इसकी ऊंचाइयों का ! कल भूतकाल बन… ये भी रखा होगा, चंद पन्नों और तस्वीरों में ! निरर्थक, उपेक्षित और कबाड़ सा… नई पीढ़ी के लिए...

  • दर्पण

    दर्पण

    मैं भी वही हूँ, ये दर्पण वही है, दिखता है जो चेहरा… वो बदल सा गया है ! बुढ़ा गया है, शायद ये दर्पण ! थका हुआ, अधेड़ सा चेहरा ये दिखला रहा है ! मैं...


  • मेरा दोस्त

    मेरा दोस्त

    मय्यत सजी थी उसकी सब लोग रो रहे थे अश्कों से अपनी उसके कफ़न भीगो रहे थे वह दोस्त था मेरा हमवतन हमनिवाला दिल रो रहा था मेरा लब मुस्काये जा रहे थे मुस्कान देख मेरी...



  • माँ

    माँ

    माँ तेरे आंचल की छांव में सदा सुख से रहा हूँ अक्सर रहूँगा हरदम ॥-॥ तूँ कहाँ है आज बताओ ना मुझे आकर तुझे देखे बिना दिल लगता नहीं॥-॥ मैं भूखा हूँ तेरे ममता का स्नेह...