भजन/भावगीत

छोटी-सी कंजक बनके

मैय्या मेरे अंगना आSSSई छोटी-सी कंजक बनके                                                                  5.4.17
छोटी-सी कंजक बनके, छोटी-सी कंजक बनके-मैय्या मेरे अंगना आई——

 
1.छोटा-सा चूड़ा पहने और हरी चूड़ियां पहने
चोला घेरे वाला लाSSSल छोटी-सी कंजक बनके-मैय्या मेरे अंगना आई———

 
2.माथे पे मुकुट सुहाना और छत्र सुनहरी ताना
मस्तक पर है बिंदिया लाSSSल छोटी-सी कंजक बनके-मैय्या मेरे अंगना आई———

 
3.कंठों में फूलों की माला और सुंदर नैन विशाला
मां के हाथों में मेंहदी लाSSSल छोटी-सी कंजक बनके-मैय्या मेरे अंगना आई———

 
4.हमें अपना दरश दिखाने भंडारे का भोग लगाने
आई देने अपना प्याSSSर छोटी-सी कंजक बनके-मैय्या मेरे अंगना आई———

 

 

(तर्ज़-सासुल पनिया कैसे जाऊं, रसीले दोऊ नैना————–)

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244