शिशुगीत

34.वृक्ष

(बाल काव्य सुमन संग्रह से)

 

वृक्ष हमें फल-फूल हैं देते,
अन्न-दालें-मेवे और धान,
साज-सज्जा, खेलों की चीज़ें,
फर्नीचर देते ये महान.
मिट्टी का कटाव रोकते,
मौसम के हैं ये सरताज,
पत्थर खाकर भी फल देते,
प्रदूषण हटा बनाते काज.

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244