37.उपकार

(बाल काव्य सुमन संग्रह से)

 

 

वृक्ष फूल-फल-अन्न हैं देते,
नदियां देतीं पानी,
सूरज धूप-रोशनी देता,
चंदा अमृत-दानी.
धरती धीरज का धन देती,
अम्बर प्यार लुटाए,
जो करता उपकार जगत में,
ईश्वर-सम यश पाए.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।