36.सीख

(बाल काव्य सुमन संग्रह से)

 

फूल हमें हंसना सिखलाते,
भौंरे हमको गाना,
तितली जग रंगना सिखलाती,
पानी प्यास बुझाना.
चींटी मेहनत सिखलाती है,
दीपक राह दिखाना,
पर्वत दृढ़ रहना सिखलाते,
मधुमक्खी मधु पाना.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।