अन्य बाल साहित्य

आइए कविता लिखना सीखें- 4

प्रिय बच्चो,

उपहार मुबारक हो,

कविता लिखना सीखने के इस क्रम में हम आपको केवल कविता ही नहीं, कहानियों के भंडार का उपहार दे रहे हैं. ये चित्रमय-काव्यमय कहानियां हमने 40 साल पहले तब लिखी थीं, जब हमारे बच्चे छोटे थे और जी भरकर कहानियां सुनते थे. उस समय एक रुपए का बड़ा चार्ट आता था, जिसमें चार कहानियों के चित्र होते थे. हमने उन कहानियों के चित्रों के आधार पर कविता में इन कहानियों को ढाला था और उनका एलबम बनाया था.

 

पहले उसी एलबम से एक काव्यमय कहानी: मेहनत से ही सफलता मिलती है
कौआ एक बड़ा प्यासा था,
उड़कर पहुंचा एक बाग में,
जहां पड़ा था एक घड़ा पर,
पानी था थोड़ा-सा उसमें.

खूब निराश हुआ पर फिर भी,
हिम्मत को न जवाब दिया,
आसपास पड़े थे कंकड़,
एक उठाकर डाल दिया.

जैसे-जैसे कंकड़ डाले,
पानी ऊपर को था आया,
पानी ऊपर आते देखकर,
कौआ मन-ही-मन हर्षाया.

आखिर पानी ऊपर आया,
पानी पीकर प्यास बुझाई,
मेहनत से मिलती है सफलता,
सबको ही यह राह सुझाई.

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ऐसी ही 17 कहानियां इस एलबम में हैं. उसी एलबम को हम आपके लिए ई.बुक के रूप में भेज रहे हैं. हमें पता है, कि आजकल आप बच्चे लोग ई.बुक बड़े शौक से पढ़ते हो. इस ई.बुक को पढ़कर अपने विचार अवश्य लिखिएगा. अगर आपको पसंद आई तो हम एक और ई.बुक भी आपको सौगात रूप में भेजेंगे. इस पहली ई.बुक का लिंक है-

 

 

आपकी नानी-दादी-ममी जैसी

— लीला तिवानी

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

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