Monthly Archives: May 2017




  • गौ माता

    गौ माता

    कहाँ गये वो तुर्रमखां जो, नित अवार्ड लौटाते थे असहिष्णुता फैली देश में, नित यह गाने गाते थे कहाँ गए वो बड़े बैरिस्टर, रातों कोर्ट खुलाते थे कोई अच्छा काम देखकर, चैन से सो न पाते...


  • देश की दशा-दिशा

    देश की दशा-दिशा

    विचारकों और चिंतकों के बीच वर्तमान का ज्वलन्त प्रश्न उभरकर विकरालता का रूप ले रहा हो तो निश्चित ही विचारणीय हो जाता है | तो किसी भी समाजिक विचारकों के लिए आवश्यक हो जाता है कि...

  • गज़ल

    गज़ल

    राह में मील का पत्थर नहीं मिलता, मुद्दतों से कोई रहबर नहीं मिलता, यूँ तो मिलते हैं काफी लोग रोज़ाना, जिसे ढूँढो वही अक्सर नहीं मिलता, संगेमरमर की कब्रें हैं मकां सारे, तेरे शहर में कोई...

  • गुरु-भजन

    गुरु-भजन

    सेवा-सिमरन-सत्संग की शुभ राह मुझे दिखलादे                                 6.3.14 जीव नहीं मैं ब्रह्म-स्वरूप हूं यों रहना सिखलादे गुरुवर जय हो तेरी, गुरुवर...