कुण्डली/छंद

कुण्डलिया छंद

सुन्दर काया कनक सी, नयन चलाते वाण
हिरनी सी मोहक चपल, हो कैसे कल्याण
हो कैसे कल्याण, हृदय घायल किये आज
हुए सभी कंगाल, पड़ा बंद सारा काज
पायल जब छम बजे, होए मूर्च्छित दुरन्दर
कंगणा की खनखन, छवि चाँद से भी सुन्दर

कामनी गुप्ता
जम्मू !

कामनी गुप्ता

माता जी का नाम - स्व.रानी गुप्ता पिता जी का नाम - श्री सुभाष चन्द्र गुप्ता जन्म स्थान - जम्मू पढ़ाई - M.sc. in mathematics अभी तक भाषा सहोदरी सोपान -2 का साँझा संग्रह से लेखन की शुरूआत की है |अभी और अच्छा कर पाऊँ इसके लिए प्रयासरत रहूंगी |