शुकराना शुकराना प्रभुजी तेरा शुकराना

शुकराना शुकराना प्रभुजी तेरा शुकराना
हर वेले शुकराना प्रभुजी तेरा शुकराना-

 
1.तुमने मानुष जनम दिया है
दिया आनंद अनजाना प्रभुजी तेरा शुकराना-

 
2.तुमने मुझको गुरु से मिलाया
सिखलाया नाता निभाना प्रभुजी तेरा शुकराना-

 
3.सत-चित-आनंद रूप हमारा
ब्रह्म का दे दियो ज्ञाना प्रभुजी तेरा शुकराना-

 
4.मात-पिता-गुरु-बंधु-सखा-हितु
तुमको सब कुछ जाना प्रभुजी तेरा शुकराना-

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।