कविता : कश्ती तेरे नाम

इंतजार की कश्ती
ये अरमानों की कलम
राह-ए-जिन्दगानी में
अब न होगी कम ।।

मौसम का खुमार
ये पवन की बयार
चाहत ये पतझड़ में
पपिहा करती पुकार ।।

अनजाना सा सफर
बिन राहो की पहचान
राज-ए-राजदार है
साथ न छुटेगा हमदम ।।

खामोशी का साथ
इन लफ्ज़ो का कसूर
पलकों मे लम्हों का तूफान
सनम निभाऊँगी हर जनम ।।

ख्वाहिशों का शौर
ये गहराइयों का मोड़
किश्त-दर-किश्त है
जीवन तेरा राहत हें कदम ।।

वक्त का आलम
तुम तन्हाईयों का पैगाम
नजर ये परेशां है
एहसास हें पल-पल जनम ।।

लहरों का सैलाब
ये कश्ती तेरे नाम
सागर भरा पलकों में
पतवार न ठमेगी सनम ।।

— उमा मेहता त्रिवेदी

परिचय - उमा मेहता त्रिवेदी

1- रचनाकार पूरा नाम::श्रीमति उमा मेहता त्रिवेदी 2- पिता::श्रीयू.एन.मेहता सा../पति का नाम:: आर.त्रिवेदी 3- शिक्षा/जन्म तिथि::M.Sc(Geo)+Bed /6July 79 4- प्रकाशन विवरण .::Many National,stet& local leval K newspapers N Megjins me ...Many Artical,Vayggy,Rachnaye Also...Gazal ssss . Published... 5- सम्मान का विवरण (यदि कोई हो तो दें)::Many times Stet & National awarded In Kavy path also..भारत के प्रतिभाशाली &गौरवशाली साहित्यकार पुरस्कार ,,अमृत सम्मान पुरस्कार ...कृति प्रकाशन से सम्मानित,, अब तक चार साझा-संगृह मे प्रकाशित हो चुकी 90% रचनाएँ, आर्टिकल एंव गजल साथ ही गाने और व्यंग्य भी लिखने का शौक रखती है । लिखना और पढ़ना इनकी उपासना के साथ शोक व पंसद भी है । कयी वेब साईड पर इनकी रचनाएँ प्रकाशित होती रहती है ।