Monthly Archives: May 2017

  • डॉ रेखा

    डॉ रेखा

    “ये कहाँ जा रही हो अम्मी ?” पड़ोस वाली महिला ने पूछा “अरे वो अपनी मधु है न उसके घर से खबर आयी है , उसके पेट में दर्द हो रहा है , पेट से है...



  • पेट की भूख

    पेट की भूख

    मैने देखा , अपने घर के मंदिर के पास, चौराहे पर एक लड़का उसकी बहन और एक नन्ही सी बच्ची कर रहे थे पेट की भूख की लड़ाई हुई थी, वह ट्रेंड अपनी दुग्धावस्था से अगर गीर...

  • मानवता

    मानवता

    मानवता है धर्म मनुष्य का,फिर क्यों इससे बेजार हुआ जाति,धर्म,संम्प्रदाय,वर्ण से,भला किसी का उद्धार हुआ, ईमानदारी ना रही  कहीं भी, अच्छाई भी  बिलख रही भाईचारा सहयोग मदद   सब, बंद गठरी  सिसक  रही, ऊँच-नीच का दानव भी,...

  • धर्म के ठेकेदार

    धर्म के ठेकेदार

    लोकतंत्र मुँह है ताक रहा, देकर समानता का अधिकार इनका  बल है बस बोल रहा, ये जो  हैं धर्म के  ठेकेदार, जाति-धर्म  के नाम  पर, समाज  में लोगों से  दुर्व्यवहार कुप्रथा  छुआछूत भी  कर रही, निसदिन ...