कविता

प्रेम क्या है ?

कैसे कहूँ कि प्रेम क्या है मेरे लिए तो माँ की ममता प्रेम है पिता का धैर्य प्रेम है पति के साथ सानिध्य स्थापित करना शारीरिक मानसिक सम्बंधों की तृप्ति प्रेम है बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए माँ-बाप का जिंदगी का एक-एक पल लगा देना प्रेम है घर- परिवार,जनकल्याण के लिए अच्छा सोचना, करना […]

गीतिका/ग़ज़ल

रवायतें

दिल जार जार है ना जाने किसका इंतजार है , आंखों में हैं आंसूं पर लबों पे इनकार है । बेखुदी है प्यार की या रुसबाइयों का जहर है , इरादों में हमारे आज भी जंग का इजहार है । सलवटें हैं इरादों में या फिक्र है जमाने की , दिलों में जाने क्यों छिड़ी […]

मुक्तक/दोहा

“मुक्तक”

भार- 30……. धोखा हुआ उस अभिमन्यु से कौरव कायर विकराली साध सका न ब्यहु रचना को पांडव पुत्र था बलशाली अभी उमर ही क्या थी उसकी धीर बीर रणधीर चला मातु गर्भ अधसुनी कहन अवसर तकता पल प्रतिपाली॥ निडर निपुड़ था शस्त्र उठाकर हर बेड़े को पार किया वापस की थी राह अजनवी तब रिश्तों […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

तल्खियाँ दिल से भुलाते तो चमन गुलजार होता । गीत मेरे गूँजते मनमीत का गर प्यार होता ।। वो खुदा फरखुंद उल्फ़त की इबादत से नवाजे । पर चलन कैसा अजूबा रूह का व्यापार होता ।। चाँद तारे आसमां क्या पा सकोगे ख्वाब में तुम। मिल्कियत का यूँ नहीं कोई यहाँ हकदार होता ।। वेद […]

सामाजिक

एक पत्र बरखा रानी के नाम

प्रिय बरखा रानी, तोहरे वियोग में हम पागल होके कमरे में बंद हूँ, तुन्हारा भाई लू, लट्ठ लेकर पीछे पड़ा है, तुम्हारी महतारी गर्मी हाथ धोकर पीछे पड़ गई है और तुम्हारा बाप बादल आवारागर्दी कर रहा है — आकाश के जिस कोने में चाहे, विचरण कर रहा है। एक तुम्हीं हो जो सिर्फ तड़पा […]

कविता

गुलाब

इश्क़ की कहानी यादों की निशानी किताबों में बंद महका था गुलाब मुरझाया सा अब फिर भी अहसास में भिगोया, आस बन ज़ीस्त में लिपटी इश्क़ की फरियाद आंखो में धुंधली तस्वीर तुम्हारी फीकी सी मुस्कान खामोश बैठी पंखुड़ियां छू कर साँसों को समेटे इश्क़ इश्क़ औ गुलाब अश्क़ छलके मन बहके टूट के बिखरे […]

गीत/नवगीत

एक था राजा एक थी रानी

बजने दे पायल की रुनझुन कहने दे फिर वही कहानी एक था राजा एक थी रानी मौन की जब जब टूटी कारा शब्दों ने तब गीत सँवारा जब संगीत मिला गीतों से फूट पड़ी स्मृति की धारा गीत मेरा संगीत तुम्हारा साज नया हो बात पुरानी दिल मे हूक लगे तब उठने पेड़ों पर जब […]

गीत/नवगीत

मेरा मन साथ देता ही नहीं

मेरा मन साथ देता ही नहीं है समय के साथ चलना चाहता हूँ न यादों से निकल पाया अभी तक तुम्हारे साथ मन, मैं अन-मना हूँ न  भाती   हैं    मुझे    रंगीनियां   भी न  तो  ये   शोरगुल  बाजार  का  ही न मुझ पर  है  असर बदले  जहाँ का असर अब तक है केवल प्यार का ही […]

कविता

कविता – मैं डॉक्टर नारंग बोल रहा हूँ

मैं स्वर्ग से डॉक्टर नारंग बोल रहा हूँ एक यक्ष प्रश्न लिए मैं डोल रहां हूँ मुझको भी तो भीड़ ने पीटा था बीच सड़क बेरहमी से घसीटा था पर मेरे लिए तो कोई शोर नही मचा मुझे किस गुनाह की मिली थी सजा मेरी मौत और उसकी मौत में बतला दो अंतर क्यो मेरे […]

गीत/नवगीत

कभी सुनहरा कल आयेगा

कभी सुनहरा कल आयेगा । चलता जा राही ,निशि वासर । अँधियारे ,निर्जन राहो पर । हिम्मत रख खुद पर यकीन पर , कोई पथ उज्ज्वल आयेगा । कभी………. वक्त बुरा है,सभी हँसेगें । हार पे तेरी तंज कसेगें । जीतेगा! ,संघर्ष किये जा , ऐसा कोई पल आयेगा । कभी……. मधुप मौन रह केवल […]