Monthly Archives: June 2017

  • “हाइकू”

    “हाइकू”

    उमस बढ़ी बदरी घिर आई पसिजे मेह॥-1 सूखी अवनी है विह्वल सजनी छलके नेह॥-2 आतुरताई पवन पुरुवाई आस बढ़ाए॥-3 बूंद बूंद में लगन लग गई प्यास बुझाए॥-4 दैया रे दैया बिजुरिया चमके जिया डराए॥-5 महातम मिश्र,...


  • अनोखी खुशी

    अनोखी खुशी

    काजल बड़ी तेजी से चलती हुई बस स्टॉप की तरफ बढ़ रही थी । उसे कॉलेज जल्द से जल्द पहुंचना था । बस्ती से निकल कर मंदिर से आगे बढ़ने पर मंडी की भीड़ भाड़ से...

  • एक व्यंग्य, हे दलित श्रेष्ठ।

    एक व्यंग्य, हे दलित श्रेष्ठ।

    ज्योतिराव फुले द्वारा इस्तेमाल किया गया शब्द दलित आज राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है या यूँ कहूँ की ये राजनीति की धुरी है तो गलत नहीं होगा। सवाल उठता है दलित कौन हैं? क्या वर्ग...

  • मत्तगयन्द सवैया

    मत्तगयन्द सवैया

    योग भोग भगा मन योग सज़ा तन जीवन ज्योति प्रभाकर धामा। मंत्र महा मनरोग निवारक साधक साधु दिवाकर नामा। पाठक पाठ करे दिन रात विशुद्ध रमा कमलाकर श्यामा । योग सुधा कलिकाल प्रभाव मिटावत भोग सुधाकर...

  • कुंडलिया- ज्ञानी

    कुंडलिया- ज्ञानी

    ज्ञानी ज्ञानिक ढूढ़ता, सतत पंथ ज्यों संत माया मोह विराग में , गुण गति कैसा अंत गुणगति कैसा अंत , पन्थ देखे नित सज्जन माया करे प्रलाप , काम क्रोधी मन दुर्जन जपत संत हरि नाम,...


  • माननीयों  का महाचुनाव….!!

    माननीयों का महाचुनाव….!!

    देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद यानी राष्ट्पति के बारे में मुझेे पहली जानकारी स्कूली जीवन में मिली , जब किसी पूर्व राषट्रपति के निधन के चलते मेरे स्कूल में छुट्टी हो गई थी। तब में प्राथमिक...

  • गीतिका

    गीतिका

    प्यार क्या शै है,ज़रा मुझको बताया जाए , भाव राधा का आज दिल में जगाया जाए ! ज़हर भी बन सकता ,अमृत के प्याले सा, भक्ति मीरा की लेके ,दिल को सजाया जाए ! ढाई आखर...