Monthly Archives: August 2017

  • गज़ल

    गज़ल

    हमें भी रंग बदलना आ गया है, गिर-गिरकर संभलना आ गया है, ===================== ना धुआं है ना ही आवाज़ कोई, खामोशी से जलना आ गया है, ===================== खिलते फूल की खुशबू के जैसे, हवाओं में बिखरना...

  • ढलेगी जीत में ये हार इक दिन

    ढलेगी जीत में ये हार इक दिन

    ढलेगी जीत में ये हार इक दिन गिरेगी राह की दीवार इक दिन चलेगा नाम का सिक्का हमारा झुकेगा सामने संसार इक दिन मिटेगा नाम जग से नफ़रतों का रहेगा प्यार केवल प्यार इक दिन धरम...

  • गज़ल

    गज़ल

      मुकम्मल गर हमारी भी दुआ इस बार हो जाये तो मुमकिन है हमारी जिंदगी गुलज़ार हो जाए .. चलो अब तो करें मिल कर मुहब्बत का कोई वादा कहीं ऐसा न हो के आपसी तकरार...

  • गज़ल

    गज़ल

    न जाने क्या हुई हमसे खता है वो क्यूँकर आजतक हमसे खफा है .. भले ही हो गया हमसे जुदा पर ख्यालों में अभी तक रह रहा है .. समझ पाये नहीं जिसको अभी तक हमारी...





  • गणेश-वंदना

    गणेश-वंदना

    हे विघ्नविनाशक,बुद्धिप्रदायक, नीति-ज्ञान बरसाओ । गहन तिमिर अज्ञान का फैला,नव किरणें बिखराओ।। कदम-कदम पर अनाचार है, झूठों की है महफिल आज चरम पर पापकर्म है, बढ़े निराशा प्रतिफल एकदंत हे ! कपिल-गजानन,अग्नि-ज्वाल बरसाओ । गहन तिमिर...