क्षणिका

दर्द की नई परिभाषा

दर्द की नई परिभाषा है,
तुम क्या जानो दर्द की क्या परिभाषा है?
दर्द सिर्फ प्यार में नहीं होता,
प्यार में दर्द तो एक दिलासा है,
मोबाइल चार्जिंग में लगा हो
और 1 घंटे बाद पता चले
कि लाइट बोर्ड का स्विच ही ऑन नहीं था,
तब पता लगता है कि असली दर्द क्या होता है,
यही दर्द की नई परिभाषा है.

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244

One thought on “दर्द की नई परिभाषा

  • राजकुमार कांदु

    आदरणीय बहनजी ! आपने आज के युवाओं की नस पकड़ ली है । मोबाइल आज के युवाओं के लिए ऑक्सीजन जितने ही प्रिय हैं । और ऐसे में जब उनका ऑक्सीजन बिना चार्जिंग के खत्म हो जाये तो दर्द होना स्वाभाविक ही है । बेहद सुंदर रचना के लिए धन्यवाद ।

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