Monthly Archives: August 2017

  • गीतिका

    गीतिका

    छंद- रोला, मात्रा भार- 11, 13 (विषम चरण तुकांत 1 2, सम चरण का अंत 1 2, समांत- अना, अपदांत….. “गीतिका” खुले गगन आकाश, परिंदों सा तुम उड़ना जब तक मिले प्रकाश, हौसला आगे बढ़ना भूल...

  • गज़ल

    गज़ल

    “गज़ल” देखता हूँ मैं कभी जब तुझे इस रूप में सोचता हूँ क्यों नहीं तुम तके उस कूप में क्या जरूरी था जो कर गए रिश्ते कतल रखके अपने आप को देखते इस सूप में।। देख...

  • पाखंड को जेल

    पाखंड को जेल

    “पाखंड केो जेेल” शायद ही किसी धर्म की सीमा पाखंडियों के चंगुल से सुरक्षित बची हो। खूब आक्रमण हो रहा है अपने ही विश्वास को खंडित करने के लिए, और धर्म के पहरेदार/ अनुयायी, अपना सब...

  • यशोदा छंद

    यशोदा छंद

    विधान~ [ जगण गुरु गुरु ] (121 2 2) 5 वर्ण,4 चरण, दो-दो चरण समतुकांत…….ॐ जय माँ शारदे……! “यशोदा छंद” पढ़ी पढ़ाई भली भलाई। कहा न मानो करो त जानो।।-1 लगी लगाई हल्दी सुहाई। छटा निराली...

  • दोहा मुक्तक

    दोहा मुक्तक

    “दोहा मुक्तक” अमिय सुधा पीयूष शिव, अमृत भगवत नाम सोम ब्योम साकार चित, भोले भाव प्रणाम मीठी वाणी मन खुशी, पेय गेय रसपान विष रस मुर्छित छावनी, सबसे रिश्ता राम।।-1 अमृत महिमा जान के, विष क्योकर...


  • दर्द की दास्तां

    दर्द की दास्तां

    शांत, व्यवस्थित, योजनाबद्ध शहर । लिए आगोश में, प्राकृतिक नजारे। कल तक था मैं… इक स्मार्ट शहर ॥ आज … नफ़रत की आग में झुलसा, रोता-बिखलता, तहस-नहस, सीने पे लिए खून के छींटे, इंसाफ की चाह...

  • बाल कविता

    बाल कविता

    प्यारी – प्यारी मेरी माँ ••••••••••••••••••••• प्यारी – प्यारी मेरी माँ रोज भोर को मुझे जगाती फिर नहलाती – खाना खिलाती पकड़के उंगली स्कूल ले जाती || प्यारी – प्यारी मेरी माँ रोज नियम से गार्डन...

  • परिवर्तन की नाद

    परिवर्तन की नाद

    सुनो दस्तक … चाहे परिवर्तन अब नारी । बीता वो युग, जब थी नारी “केवल श्रद्धा । जो बन कठपुतली … सिले होठों से सुनती थी मात्र आदेश । कभी बिष पीने का … तो कभी...

  • स्वच्छ भारत 

    स्वच्छ भारत 

    सभा को संबोधित करते हुए नेताजी ने कहा – हमें न्यू इंडिया बनना। स्वच्छ भारत निर्माण हमारा ध्येय है। किसी भी प्रकार की गंदगी हम नहीं फैलने देंगे। कूडा-करकट का नामोनिशान नहीं रहने देंगे। भारत को...