कहानी

कहानी – बच्चे का मोल-तोल

मेरे घर से लगभग चार-पांच किलोमीटर की दूरी पर एक अनाथ- आश्रम है। जिसमें दो साल से लेकर पंद्रह साल तक के बच्चे है। सभी बच्चों को बड़े प्यार से रखा जाता है। उनकी शिक्षा का भी उचित प्रबंध किया गया है। वहां के कुछ बच्चे तो इस साल दसवीं की परीक्षा देने के लिए […]

सामाजिक

सुख और दुःख में समभाव रहें.

जीवन में कभी किसी को पूर्ण संतुष्टि नहीं मिलती है.व्यक्ति जीवन भर असंतुष्ट बना रहता है और इस असंतोष के लिए ईश्वर को ही दोष देता रहता है.कभी वह यह नहीं मानता कि उसके साथ सब कुछ ठीक ही हो रहा है,अच्छा ही हो रहा है.उसे जो भी मिलता है ,वह कम ही लगता है […]

गीतिका/ग़ज़ल

“गीतिका”

देशज गीतिका, मात्रा-भार-22, समांत- आर, पदांत- हो गइल……. जे पतुरिया के अँचरा उघार हो गइल माथ ओकरा अंहरिया सवार हो गइल दुईज़ चंदा नियन उग जे बिहरत रहे उ अमावस के जइसन भेंकार हो गइल॥ मन बिगड़लस जे आपना बना ना सकल ओकर जिनगी व रहिया पहार हो गइल॥ दूर से निम्मन लागेला झूकल गगन […]

हास्य व्यंग्य

डीजे विथ चिलम और बोलो बम बम बम

सावन, बाबा भोले नाथ का महीना, बारिश का महीना, प्रेम का महीना. हर कोई बेसब्री से इंतजार करता है, रामकृपाल बाबू धान का बीया गिरवा दिए है, पिछले तीन महीने से बाबाधाम देवघर जाने का इंतजार कर रहे थे, पिंटुआ भी भउजी को लाने के लिए गौना कराने जाने वाला है। मानसून का आगमन हो […]

कविता

पहचान

महफिल में तन्हाई क्यूँ डराती मुझे परछाई क्यूँ अपनों के बीच अजनबी सी हूँ मुझे खुद की एक पहचान चाहिये । जीवन से अंधियारा मिटा दे, लकीरे किस्मत की चमका दे, भविष्य को जो रौशन कर दे, ऐसी कोई मशाल चाहिये । अपनों के बीच अजनबी सी हूँ मुझे खुद की एक पहचान चाहिये । […]