Monthly Archives: October 2017

  • यह मेरा घर

    यह मेरा घर

    ”सुलू,मेरी नीली शर्ट कहाँ रखी है ?”बाथरूम से निकलते हुए राज माहेश्वरी ने पत्नी को आवाज़ लगायी और ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़े बाल काढ़ने लगे ! “बेड पर देखिये आपकी शर्ट,ट्राउज़र,पर्स,मोबाईल और रुमाल सब वहीँ...

  • नीम की दातुन

    नीम की दातुन

    माही ने सारे छोटे गमले ट्रक में सामान के साथ लडवा कर नए फ्लेट की बालकनी में रखवाने को भेज दिए थे ! एक बार अपनी बगिया को बड़े ममत्व से निहारा मानो बगिया की हरितिमा...

  • आज के रावण

    आज के रावण

    उस रावण जैसी मर्यादा नहीं रखते आज के रावण, कानून क्या, ईश्वर से भी नहीं डरते आज के रावण। मारीच के जैसे स्वांग रचाकर जग में घूमते रहते ये, रक्तबीज जैसे हैं, मारे से नहीं मरते...


  • कविता

    कविता

    मुझे मुझसे मिलने दो खुद से उलझकर फ़िर सुलझने दो कोई रोक नहीं पायेगा जब भरुंगी लंबी उडान खुद का सहारा बनकर नये पंख लगने दो ये जो काले बादल घुमड घुमड़ करके आ गये इनके...