अजब हमारा जीवन है

पवन-हिंडोला, शर की शैय्या,
अजब हमारा जीवन है।
खुशबू-सुंदरता के पुजारी,
कोमल अपना तन-मन है॥
सब पूछें हम कितने सुखी हैं,
हम सुख ढूंढते रहते हैं।
कांटों वाली डाली पर भी,
हरदम हंसते रहते हैं॥

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।