स्मॉग (लघुकथा)

वह टीबी की बीमारी से जूझ रहा है. डॉक्टर्स ने कहा है, बदलते मौसम में खानपान का रखें ख्याल. भरपूर सब्जियों और मसालों वाला दलिया हड्डियों को मजबूत रखेगा और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में भी मदद करेगा. उसे खाने को खिचड़ी तक नसीब नहीं होती है. डेयरी प्रॉडक्ट्स के नाम पर घर में केवल उसे ही आधे कप दूध में आधा कप पानी मिलाकर दिया जाता है. 2 घंटे बर्तन घिसने के बाद मिले दस रुपयों में से मां उसके लिए साढ़े सात रुपर में एक गाजर लाई, शरद ऋतु का समय अपने पूरे शबाब पर था. टीबी की बीमारी ने भी शबाब दिखाया. वह कब तक दम खींच पाता! इधर दिल्ली के स्मॉग ने दम दिखाया, उधर उसके दम ने ही दम तोड़ दिया.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।