धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

वैदिक विवाह का स्वरूप और आधुनिक विवाह परम्परा में धन का अपव्यय

ओ३म् संसार का सबसे प्राचीन धर्म व संस्कृति वैदिक धर्म है। संसार के सभी मनुष्यों का धर्म एक ही होता है और वह वैदिक धर्म ही है। वैदिक धर्म वेदानुकूल सिद्धान्तों पर आधारित मान्यताओं के पालन को कहते हैं। वेद से भिन्न इतर मान्यताओं का पालन धर्म नहीं होता। आजकल संसार में जितने भी मत-मतान्तर […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

आत्मा अविनाशी तथा इसका शरीर नाशवान है

ओ३म् हम मननशील होने से मनुष्य कहलाते हैं। मनन हम सत्यासत्य व उचित अनुचित का ही करते हैं। सत्य व उचित बातों का आचरण करना धर्म और असत्य व अनुचित बातों का आचरण अधर्म होता है। धर्म पर चलना मनुष्य का कर्तव्य है। इसलिए कि इससे हमें सुख मिलेगा और यदि अधर्म का आचरण करेंगे […]

लघुकथा

अनुपम उपहार

अलग परिवार और भिन्न पृष्ठभूमि में पले होनोलुलु के मैक्फारलेन और रॉबिन्सन की शक्ल-सूरत और रुचियां इतनी मिलती-जुलती थीं, कि उनके फ्रेंड्स यह कहकर चिढ़ाते थे कि दोनों एक ही लड़की से शादी करेंगे. दोनों दोस्तों की उम्र में दो साल का अंतर था. उनकी पहली मुलाकात 60 साल पहले पुनाहु स्कूल में छठी क्लास […]

लेख

लेख

“छोटे संकल्प ,बड़ी खुशियां” – राजेश पुरोहित लो स्वागत कीजिए 2018 का नई उमंग नव उल्लास के साथ लें नव संकल्प। घर में यदि आप अपने बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे रहे हो तो नए साल में ये संकल्प जरूर लें कि हम हमारे बच्चों को धन के साथ समय भी देंगे।परिवार में बुजुर्गों […]

ब्लॉग/परिचर्चा लेख सामाजिक

फर्जी विज्ञापन में फंसते हम सभी

राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सदस्य नरेश अग्रवाल ने शुक्रवार(28.12.17) को भ्रामक विज्ञापन का मुद्दा उठाया था. इसके जवाब में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी अपना अनुभव साझा किया. अपना अनुभव बताते हुए नायडू ने कहा ’28 दिन में वजन कम करने के एक विज्ञापन को अखबार में देखकर उन्होंने ऐसी दवाओं की हकीकत जानने का […]

लघुकथा

लघुकथा – नूतन वर्ष नई उम्मीदें

नूतन वर्ष की नई उम्मीदें रश्मि की दुर्घटना से मिली चोटों को सहते से मन में जागृत हो रहीं थी| दबाई देते जब से उसकी बहू मंजरी ने जिक्र किया, “हमें नव्या का विवाह कर देना चाहिए| अब डाक्टरी पूरी हो नौकरी लग गई है| हमारे घर में भी विवाह की शहनाईयाँ बजें और हमारा […]

लघुकथा

लघुकथा – अजीब दास्तान

निशा की सहेली मीनू को कुछ समय बाद मिलना हुआ ,उसे देख होश उड़ गए| निशा ने उसकी उदास सूरत बिखरी पर्सनाल्टी का कारण पूछा”,पहले तो बातों में टालती रही फिर रोने लगी बोली”,मेंटल डिसोर्डर’ हो गया है |” निशा हैरान हो गई ,कैसे ? मीनू बेतहाशा रोती बोली ,”बड़े बेटे ने खुद ही बिदेशी […]

गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल

अजीब नशा मुझी पर मुख्तसर गया देखा कहीं अजीब शक्ल रात डर गया हर ले नक़्श तमन्ना का हो गया लगा धुंधला सा था ज़ख्म मेरे दिल का भर गया जीवन बना दूभर जो पाया असर नया मैं महकशीं से अपने ही साये से मर गया ये सोच जब सफर फाके ही कटा गया जब […]

गीत/नवगीत

गीत – जीवन यात्रा

जो जैसा करता है जग में वैसा ही वह पाता है चाहे जितना रो ले गा ले, पास नहीं कुछ आता है।1 सपनों की दुनिया में जीकर सारा समय गँवाता है। जब आता है अन्त समय तो सिर धुन धुन पछताता है।2 कथनी और करनी का अन्तर उसका बढ़ता जाता है। अन्दर बाहर की खाई […]