मुझे नाकाम होने दे……

कभी मयकदे के रस्ते पर,
तुमको बुलाऊं जब।

नहीं आना मेरे हमदम,
भले ही रूठ जाऊं तब।

गिराना बिजलियां अपनी,
जले सब मयकदे धू कर।

बुझाने प्यास मैं अपनी,
किसी नदियां को जाऊं तो।

बना देना उसे खारा,
कही जल पी न पाऊं मैं।

स्वत: ही लौट आऊंगा,
तुझे आकर मनाऊंगा।

मुझे नाकाम होने दे,
तुझी में ही समाऊंगा।

निभाऊंगा सभी वचनों को,
वापस जब मैं आऊंगा।।

🙏🙏🙏🙏🙏
।। प्रदीप कुमार तिवारी।।
करौंदी कला, सुलतानपुर
7978869045

परिचय - प्रदीप कुमार तिवारी

जन्म वर्ष . - 1989 निवास स्थान. - करौंदी कला, शुकुलपुर, सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश। माता /पिता. - आशा देवी /दिनेश कुमार तिवारी। शिक्षा. - स्नातकोत्तर संस्कृत विषय से। कविता लिखने का शौक बचपन से ही है, अपने स्वतंत्र बिचारों को कविता के रूप में लिखना मुझे अत्यंत प्रिय है।