कुंडलिया छन्द : लालू को जेल

चारा खाकर के चले, लालू भइया जेल
रबड़ी भउजी सिसकतीं, कब तक होगी बेल
कब तक होगी बेल,उधर तेजस्वी भइया
पीकर ठर्रा आज,नाचते ता-ता थइया
कह सुरेश मैंने भी माटी खाया यारा
क्या माटी से ज्यादा खतरनाक है चारा?

— सुरेश मिश्र
09869141831

परिचय - सुरेश मिश्र

हास्य कवि