धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

आस्तिक व नास्तिक कौन?

ओ३म् दो शब्द आस्तिक व नास्तिक का बहुधा प्रयोग होता है। मोटे रूप से आस्तिक ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास रखने वालों को कहते हैं और नास्तिक उन लोगों को कहते हैं जो ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास नहीं रखते। प्रश्न होता है कि लोग ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास क्यों रखते हैं और जो […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

मनुष्य और उसकी जीवात्मा

ओ३म् दो पैर, दो हाथ तथा बुद्धि से सम्पन्न प्राणी को मनुष्य कह सकते हैं। पशुओं में प्रायः सबके पास चार पैर होते हैं। इसके अपवाद हो सकते हैं। कई पक्षियों के दो पैर होते हैं परन्तु हाथ नहीं होते। छोटे छोटे कीड़ो आदि में पैरों की संख्या अधिक भी हो सकती है। हाथ परमात्मा […]

बाल कविता शिशुगीत

खेल-खेल में

खेल-खेल में सीख सकें हम गाना और बजाना, खेल-खेल में सीख सकें हम हंसना और मुस्काना, खेल-खेल में जाना हमने खेल ही से जीवन है, खेल-खेल में सीखा हमने मेल से अपनापन है.   खेल-खेल में सीखते हैं हम बैटिंग और फिर बॉलिंग, खेल-खेल में पहुंच क्रिकेट में करने लगते कैचिंग, एक दिवस हम पाते […]

कविता

“पिरामिड”

ये झंडा तिरंगा माँ भारती करूँ आरती नमन वंदन भाल भाल चंदन।।-1 रे वीरा त्रैरंगा नभ छाया गर्वित शाया अंग रंग चक्र हरा केशरी शुभ्र।।-2 महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

सामाजिक

लेख– महिला सशक्तिकरण के लिए पुलिस महकमे में महिलाओं की भर्ती भी तो हो

संविधान में समान अधिकार, अवसर की समता का ज़िक्र किया गया है। संविधान में कहीं भी स्त्री-पुरूष में विभेद नहीं किया गया है। पर हमारा समाज औऱ व्यवस्था मध्ययुगीन पितृसत्तात्मक व्यवस्था को त्याग क्यों नहीं पा रहीं। 21वीं सदी का भारत भी लैंगिक असामनता से प्रताड़ित है। तो सिर्फ़ देश में गार्गी, अहिल्याबाई की गौरवगाथा […]

बाल कविता

हाथी और दर्जी

एक था दर्जी, एक था हाथी, दोनों ही थे पक्के साथी, दर्जी करता खूब सिलाई, हाथी खाता खूब मिठाई. हाथी आकर रोज रात को, कहता- ”दर्जी भाई नमस्ते”, दर्जी देता रोटी उसको, आपस में वो कभी न लड़ते. एक रात दर्जी को सूझी, नई तरह की एक शैतानी, सुई चुभो दूं हाथी को तो, खूब […]

राजनीति

कट्टरपंथी दे रहे हैं सरकार को चुनौतियां!

कट्टरपंथी दे रहे हैं योगी सरकार को चुनौतियां! जिनके लिए धर्म और उनकी कुरुतियां ही राष्ट्रीय से ऊपर हो वो भला कैसे राष्ट्रीय का और कानून का सम्मान करेंगे.  उनको तो मात्र सरकार की सुविधाओं का फ़ायदा लेना है. उनको बाकि किसी से कोई लेना देना नहीं है. कट्टरपंथियों को सरकारी नौकरी दे दो. हज […]

हास्य व्यंग्य

हास्य व्यंग्य : रिकार्ड श्रृंखला या श्रृंखला का रिकार्ड

एक बार फिर बिहार ने रिकार्ड कायम किया है।सामाजिक कुरीतियों को बहिष्कृत करने का नहीं बल्कि मानव श्रृंखला बनाने का। गौरयलब है कि पिछले साल भी शराबबंदी के खिलाफ मानव श्रृंखला का रिकार्ड बना था और लिम्का वर्ल्ड बुक में दर्ज भी हुआ। शराबबंदी कानून भी बना साथ ही शराब के सामाजिक बहिष्कार हेतु मानव […]

कविता

।। अच्छे दिन ।।

कहते थे बनवाएगें पर राम मन्दिर अभी तक बना नहीं, अनुच्छेद 370 हटाएंगे पर अभी तक तो हटा नहीं। विदेशो में रखा धन लाएंगे पर काले धन का पता नहीं, छप्पन इंच का सीना है पर पाक अभी तक झुका नहीं। डीजल, पेट्रोल, केरोशिन, गैस, में कौन है जो लुटा नहीं, भारती समाधी ना ली […]

गीत/नवगीत

गीत : बेटा चन्दन नहीं रहा

(कासगंज उ प्र में 26 जनवरी तिरंगा यात्रा में मुसलमानों द्वारा देश भक्त युवा चन्दन की गोली मारकर हत्या किए जाने पर सनातन समाज को चेताती नयी कविता) कोई हल्ला, कोई मातम, कोई क्रन्दन नहीं रहा कासगंज का ध्वज संवाहक, बेटा चन्दन नही रहा लिए हाथ में अमर तिरंगा, गद्दारों से छला गया आँखे खोलो, […]