ईश-वंदना

हम हैं बालक भोले-भाले,
प्रभु तुम हो जग के रखवाले,
हमको सच्ची राह दिखा दो,
प्रेम से रहना हमें सिखा दो.

सच और झूठ का ज्ञान कराकर,
राह हमारी रोशन कर दो,
सेवा, सहयोग, सहानुभूति की,
मन में हमारे भावना भर दो.

गुरुजनों का कहना मानें,
उनकी अच्छी बातें अपनाएं,
प्यार बड़ों का हमें मिल सके,
उनको भी यह बात जता दें.

झूठ-कपट को दूर भगाकर,
सबको भगवन निश्छल कर दो,
इस दुनिया को स्वर्ग बनाकर,
प्रेम-भावना जग में भर दो.

जग के सारे काम करें पर,
तेरी याद न भूले मन से,
दीन-दुःखी की मदद कर सकें,
तन से, मन से अथवा धन से.

जीवन के हर तमस को भगवन,
दूर हटा मन जगमग कर दो,
हम बच्चों पर दया दिखाकर,
अच्छी बातें मन में भर दो.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।