नन्हे सेवक

हमसे है धरती की रौनक, हम धरती की शान हैं
हम भारत के नन्हे सेवक, भारत देश महान है-

 
भाषा-धर्म के झगड़ों को हम, और नहीं चलने देंगे
भेदभाव के पचड़ों को हम, और नहीं पलने देंगे
छुआछूत को दूर करेंगे, यही हमारी आन है
हम भारत के नन्हे सेवक, भारत देश महान है-

 
आज़ादी की सच्ची कीमत, अब हमने पहचानी है
आज़ादी के दीवानों की, यह अनमोल निशानी है
अब परतंत्र न होने देंगे, यही हमारी बान है
हम भारत के नन्हे सेवक, भारत देश महान है-

 
हमें कसम है पावनता की, राम-कृष्ण ने जो दी है
सौगंध है उस मानवता की, वीर भगत ने जो दी है
समय पड़े कुर्बानी देंगे, यही हमारी शान है
हम भारत के नन्हे सेवक, भारत देश महान है-

 
हमको कोई तोड़ न पाए, ऐसी राह बना देंगे
मानवता को मोड़ न पाए, ऐसी चाह बना देंगे
देश को हम खुशहाल करेंगे, हमसे देश का मान है
हम भारत के नन्हे सेवक, भारत देश महान है-

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।