कविता

बेटी

बेटी आज है बेटी कल
बेटी है भविष्य का बल
बेटी विन सूना संसार
बेटी है जीवन का आधार
बेटी बिन अधूरे सपने
बेटी होती गले के गहने
बेटी सीता बेटी मीरा
बेटी बिन जीवन अधूरा
बेटी होती कुल उजयारी
बेटी होती जग से न्यारी
बेटी राधा बेटी गौरा
बेटी होती है माँ दुर्गा
बेटी होती है मन भावन
बेटी होती माँ का दामन
बेटी होती मन से शीतल
ना समझो उसको निर्बल
बेटी बिन अधूरी राखी
बेटी बिन दिया न बाती
बेटी होती है सुकुमारी
बेटी तो है शान हमारी
न करो इसका अपमान
बेटी बिन सूने अरमान
   — रमाकान्त पटेल

रमाकान्त पटेल

ग्राम-सुजवाँ, पोस्ट-ढुरबई तहसील- टहरौली जिला- झाँसी उ.प्र. पिन-284206 मो-09889534228