आज के बच्चे कल के नेता

आज के बच्चे कल के नेता, आगे बढ़ते जाएंगे
देश की सेवा करने हेतु, मिलकर कदम बढ़ाएंगे-

 

मत समझो हम नन्हे बालक, हम हैं जलती चिनगारी
हम ही गगन गुंजा सकते हैं, आज जो भरते किलकारी
दे दो हमको लक्ष्य कठिन भी, जीत के हम दिखलाएंगे
देश की सेवा करने हेतु, मिलकर कदम बढ़ाएंगे-

 

नए-नए उद्योग चलाकर, बनें देश के हितकारी
कल-पुर्जों से बन जाएगी, एक अनोखी फुलवारी
हम हैं इसके फूल शूल से, टकराकर दिखलाएंगे
देश की सेवा करने हेतु, मिलकर कदम बढ़ाएंगे-

 

मेहनत से जो मिल पाई है, वह आजादी अमर रहे
गांधी-गौतम जैसे हमको, राह दिखाते सदा रहें
इनके पद-चिह्नों पर चलकर, देश का मान बढ़ाएंगे
देश की सेवा करने हेतु, मिलकर कदम बढ़ाएंगे-

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।