Monthly Archives: January 2018


  • प्रबंध

    प्रबंध

    पंडित किशोरीलाल ने घर में कदम रखा ही था कि  बेटी कम्मो पानी का गिलास ले आयी, तिपाई पर रख कर चाय बनाने टीन की नाममात्र की रसोईनुमा ओटक में घुस गयी ! पानी पीकर दम...




  • गीतिका

    गीतिका

    आप तो इश्क का मजा लीजिये जनाब ! जां जाती है गर तो जाने दीजिये जनाब !! खौफ कैसा आपको और किस बात का ! नाजनीं को अपना बना लीजिये जनाब !! मुस्कराईये मुस्करा कर गले...


  • व्यंग्य – कहीं… नाक, न कट जाए?

    व्यंग्य – कहीं… नाक, न कट जाए?

    मानव शरीर में अत्यंत ‘अल्पसंख्यक’ होने के कारण नाक को आरक्षण की सुविधा मिली हुई है। वह कटती है और कभी ऊँची भी होती है। दिमाग और दिल भी नाक के समान अल्पसंख्यक वर्ग में ही...