कुण्डली/छंद

घनाक्षरी छंद

मन में विश्वास लिए करते प्रयास रहें, मुख न मलिन करें स्वाद चखें जीत का। जीत का जुनून चढ़े और सूझे कुछ नहीं, मानो बंद रच रहा गीतकार गीत का। गीत का सृजन करे मन चाही धुन बजे, जब कोई नित पाए संग मनमीत का। संग मनमीत का जो सुखद हमेशा रहे, जान कोई नहीं […]

लघुकथा

प्रबंध

पंडित किशोरीलाल ने घर में कदम रखा ही था कि  बेटी कम्मो पानी का गिलास ले आयी, तिपाई पर रख कर चाय बनाने टीन की नाममात्र की रसोईनुमा ओटक में घुस गयी ! पानी पीकर दम भी नहीं ले पाए थे कि पंडिताइन ने धोती की छोर से पत्र निकाल कर पकड़ा दिया ! पत्र […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल / गीतिका

आओ खुश हो फहराएँ , आज तिरंगा मिल ….. राष्ट्रीय पर्व में हो जाएँ , हम सब शामिल ….. बलिदान शहीदों का , नाकाम न हो ,  साथियो ….. हम नमन शहीदों को कर लें , हो सब शामिल ….. पग धर न सके कोई , धरती पर शत्रु अब तो ….. आगे बढ़ आओ […]

राजनीति

पद्मावत विरोध के पीछे करणी सेना की हिंसा कहीं साजिश तो नहीं ?

फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली की फिल्म पदमावत के खिलाफ जिस प्रकार से हिंसक प्रदर्शन हुए वह कहीं देश विरोधी एक और साजिश तो नहीं है? जिस समय पीएम नरेंद्र मोदी विश्व आर्थिक मंच के सम्मेलन में भारत की शानदार तस्वीर पेश कर रहे थे और वह कह रहे थे कि आइये हम सब पुरानी […]

गीतिका/ग़ज़ल

जब भी बोलो अच्छा बोलो

जब भी बोलो अच्छा बोलो सागर जैसे गहरा बोलो   झूठ नहीं सच बन जाएगा चाहे जितना ऊँचा बोलो   दुनिया मक्खनबाजी समझे इतना भी मत मीठा बोलो   हर कोई दुश्मन बन जाए क्योंकर इतना कड़वा बोलो   बोली से पहचान बने हैं सच्चा बोलो बढ़िया बोलो   माही

गीतिका/ग़ज़ल

गीतिका

आप तो इश्क का मजा लीजिये जनाब ! जां जाती है गर तो जाने दीजिये जनाब !! खौफ कैसा आपको और किस बात का ! नाजनीं को अपना बना लीजिये जनाब !! मुस्कराईये मुस्करा कर गले से लगाईये ! बांहो को अपनी फैला दीजिये जनाब !! शुकूं जाता है जाये फिक्र कैसी आपको ! आप […]

गीत/नवगीत

हम हैं भारत के वासी

हम हैं भारत के वासी हम हैं भारत के वासी, हमको सबसे प्यार, वो भी हमसे प्यार करे, नहीं इसका इंतजार। अगर हो संदेह किसी को इसमें, काश्मीर में देख लो यार, हम हैं भारत के वासी, हमको सबसे प्यार।। नित्य पत्थर मारें जाते हैं, , सहते नित्य अपमान, तुम्हें सुरक्षित रखने की खातिर, होते […]

हास्य व्यंग्य

व्यंग्य – कहीं… नाक, न कट जाए?

मानव शरीर में अत्यंत ‘अल्पसंख्यक’ होने के कारण नाक को आरक्षण की सुविधा मिली हुई है। वह कटती है और कभी ऊँची भी होती है। दिमाग और दिल भी नाक के समान अल्पसंख्यक वर्ग में ही आते हैं। लेकिन आपने कभी सुना- दिल ऊँचा हो गया या कट गया? दिमाग भी खराब हो सकता है, […]

गीत/नवगीत

गीत … देश-भक्ति के नए तराने

माटी से चंदन-सी ख़ुशबू हरदम आती है, देश-भक्ति के नए तराने दुनिया गाती है। सत्य, अहिंसा, न्याय, धर्म की पावन धरती है, जहाँ हिमालय से सुरसरि की धारा बहती है। राम, कृष्ण, गौतम की गाथा मन को भाती है, देश -भक्ति के नए तराने दुनिया गाती है। ज्ञान दिया जिसने दुनिया को उसको वंदन है, […]

कविता

आओ मिलकर याद करें

आओ मिलकर याद करें ; कुछ दिल से भी फरियाद करे हम खुश बैठे अपने घर पर; वे सीमाओं पर अड़े रहे। हम अपने घर में सोते है , वे देख दशा अब रोतें है, भाई भाई को काट रहे ; माता का आँचल बाँट रहे। कुत्ते संग झूला झूल रहे, माँ बाप की सेवा […]